Weather Alert : मार्च से मई तक होगी रिकॉर्ड गर्मी, बिहार-झारखंड सहित इन 16 राज्यों में तपेगी धरती

Heat Wave झेलने के लिए रहिए तैयार, डेढ़ दर्जन राज्यों में रहेगा लू का प्रकोप

रांची/नयी दिल्ली : झारखंड समेत कई राज्यों में अभी भी सुबह और शाम को ठंड महसूस हो रही है. ऐसा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला. मार्च से सूर्यदेव अपना प्रचंड रूप दिखायेंगे और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग ने कहा है कि मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में ‘सामान्य से ज्यादा गर्मी रहने की उम्मीद’ है.

गर्मियों को लेकर अपने पूर्वानुमान में आइएमडी ने कहा है कि पश्चिमोत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में इस साल प्रचंड गर्मी पड़ेगी. विभाग ने कहा कि इस मौसम (मार्च से मई) में लू (हीट वेव) की स्थिति भी सामान्य से ज्यादा रहेगी.

विभाग ने कहा, ‘कोर हीट वेव वाले क्षेत्रों में मार्च से मई 2020 के दौरान इस बात की संभावना 43 फीसदी ज्यादा है कि तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा.’ जिन इलाकों में लू का प्रकोप ज्यादा रहेगा, उनमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओड़िशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से और आंध्रप्रदेश के तटीय इलाके शामिल हैं.

पूर्वानुमान से संकेत मिलते हैं कि पश्चिमोत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के साथ दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मार्च से मई के बीच औसत तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहेगा. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में इस सीजन का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहने की उम्मीद है.

विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हरियाणा,चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओड़िशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तरी अंदरूनी और तटीय कर्नाटक, आंध्रप्रदेश के रायलसीमा और केरल में तापमान के सामान्य से 0.5 से 1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों में लगभग सामान्य अधिकतम तापमान रहने की उम्मीद है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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