जोन्हा के श्रीराम मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में आस्था, श्रद्धा, धर्म और शिक्षा की अविरल गंगा प्रवाहित हो रही है
By JITENDRA | Updated at :
प्रतिनिधि, अनगड़ा.
जोन्हा के श्रीराम मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में आस्था, श्रद्धा, धर्म और शिक्षा की अविरल गंगा प्रवाहित हो रही है. आचार्य धर्मराज शास्त्री श्रीरामकथा का अत्यंत मार्मिक और मनोरम वर्णन कर रहे हैं. कहा कि श्रीराम अपने कर्मों से मर्यादा पुरुषोत्तम बने. विकट परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी धर्म और नैतिकता का मार्ग नहीं छोड़ा. राम ने अपने संपूर्ण जीवन से मानव जाति को मानवीय मूल्यों और दृढ़ संकल्प का बोध कराया. आचार्य ने कहा कि ”रामायण” एक ग्रंथ मात्र नहीं है, बल्कि एक पूर्ण जीवन चरित्र है. इसके अध्ययन और श्रवण से मनुष्य न केवल चिंताओं से मुक्त होता है, बल्कि उसके व्यवहार और आचरण में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है. पंडाल में उपस्थित मुख्य अतिथि रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने व्यासपीठ का दर्शन-पूजन किया. श्री सेठ ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में एकजुटता, शांति और सुसंस्कारों का संचार होता है. श्रीरामकथा और शिव-पार्वती के आदर्श चरित्र के श्रवण से मानव जीवन धन्य हो जाता है. उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम और हनुमान देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों की रक्षा करें, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं. मौके पर समिति के अध्यक्ष बलराम साहू, राजन साहू, संयोजक संतोष साहू, नीलकंठ चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष विनय महतो, मनोज चौधरी, प्रमोद सिंह, नीरज चौधरी, अमीत मिश्रा, मधुसूदन साहू, सीताराम साहू, उदय साहू, विकास साहू, विनोद मिश्रा, परमेश्वर साहू, अजय मंडल, विनय साहू, प्रकाश साहू, वसंत सुंडी सहित अन्य उपस्थित थे.