रांची. राज्य के पांच शहरों से गुजरनेवाली नदियों (गंगा, दामोदर, खरकई, गर्गा व स्वर्णरेखा) के प्रबंधन, जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण को लेकर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ. राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में रांची, आदित्यपुर, धनबाद, चास, साहिबगंज व राजमहल नगर निकाय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला में नदी प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी गयी. नदियों के विकास के दौरान रिवर बैंक और रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना के बारे में बताया गया. नदियों के विकास कार्य के दौरान किनारों पर बसे लोगों की आजीविका व सोशियो इकोनॉमिक डेवलपमेंट का ध्यान रखते हुए कार्य योजना तैयार करने पर बात हुई. शहरों से गुजरने वाली नदियों में जल प्रदूषण को रोकने के लिए विशेष प्रावधान की जरूरत महसूस की गयी. नदियों में दूषित जल गिरने से रोकने के उपायों पर चर्चा हुई. तय किया गया कि नदियों में प्राकृतिक जल जीव और किनारे हरियाली को प्रोत्साहित किया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान प्रदूषण रोकने के अलग-अलग विकल्पों व नदियों के आसपास स्वच्छ वातावरण विकसित करने पर चर्चा की गयी. कार्यशाला सह प्रशिक्षण के बाद सभी पांच नगर निकाय अपने शहरों में नदी प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान, नयी दिल्ली के साथ मिलकर योजना तैयार करेंगे. योजनाओं पर केंद्र और राज्य सरकार की सहमति के बाद संबंधित शहर में नदी प्रबंधन योजना पर कार्य किया जायेगा. प्रथम चरण में गंगा, दामोदर, खरकई, गर्गा व स्वर्णरेखा को क्लीन और ग्रीन बनाया जायेगा. शहर में प्रवेश करने से पहले नदी की स्थिति बाहर निकलते वक्त भी वैसी ही रखने के लिए योजना बनायी जायेगी.
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