Exclusive : यूएनडीपी से मिले EV पर फर्राटा भर रही हैं रांची की सहिया दीदी, AAI ने बांटे 26 स्कूटर

यूएनडीपी के रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव शोको नोडा का कहना है कि महिला आशा कर्मी घर-घर जा कर गर्भावस्था एवं परिवार नियोजन जैसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं. वे गरीब एवं वंचित समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराती हैं. इनको इलेक्ट्रिक वाहन के माध्यम से हम तेज और सुरक्षित परिवहन प्रदान करते हैं.

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है. स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी आर्थिक और सामाजिक को बढ़ावा देने वाले वातावरण को तैयार करने के जैसे विकास संबंधी मुद्दों को पेश करने के लिए वर्ष 2019 में यूएनडीपी ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ एक साझेदारी की थी. सामाजिक दायित्व के जरिए स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थाओं की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. पिछले दिनों रांची स्थित बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले समुदायों के भेद को कम करने के लिए यूएनडीपी के सहयोग से एएआई रांची के नामकुम प्रखंड में सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत परियोजना का संचालन कर रहा है. इस परियोजना के जरिए एयरपोर्ट के पास नामकुम प्रखंड के तीन ग्राम पंचायतों के करीब 13 गांवों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, पंचायत भवनों आदि में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यूएनडीपी की ओर से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा एएनएम को इलेक्ट्रिक वाहनों का वितरण करना भी शामिल है. प्रभात खबर डॉटकॉम ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने संबंधी मुद्दों पर बिरसा मुंडा हवाई अड्डा स्थित एएआई के क्षेत्रीय निदेशक केएल अग्रवाल से बातचीत की. आइए, जानते हैं पूरी बातचीत…

नामकुम की 16 एएनएम को दिए गए स्कूटर

बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित एएआई के क्षेत्रीय निदेशक केएल अग्रवाल ने कहा कि करीब दो साल पहले रांची के नामकुम प्रखंड में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यूएनडीपी के साथ संयुक्त तत्वावधान में परियोजना की शुरुआत की गई थी. इस परियोजना के तहत हमलोग एयरपोर्ट के आसपास के स्कूलों और पंचायत भवनों पर सोलर पैनल लगाने के साथ ही स्वास्थ्य सहायिका के तौर पर काम करने वाली एएनएम को फ्री में इलेक्ट्रिक स्कूटर का वितरण कर रहे हैं. इसका उद्देश्य नामकुम प्रखंड के गांवों में त्वरित स्वास्थ्य सुविधांए पहुंचाना तो है ही, इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है. उन्होंने कहा कि 14 जुलाई, 2023 को हमने नामकुम प्रखंड की करीब 16 एएनएम को इलेक्ट्रिक स्कूटर वितरित किए.

6 करोड़ रुपये की लागत से चल रही परियोजना

एएआई के क्षेत्रीय निदेशक केएल अग्रवाल ने आगे कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यूएनडीपी के साथ मिलकर सीएसआर के तहत करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का संचालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि परियोजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हमने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र का चयन किया है. उन्होंने कहा कि नामकुम प्रखंड के जिन तीन ग्राम पंचायतों के 13 गांवों में परियोजना का संचालन किया जा रहा है, उन गांवों के स्कूलों में सोलर पैनल के जरिए बिजली की आपूर्ति की जा रही है, जिससे रोशनी के अलावा बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जा रही है.

मार्च 2021 में एएनएम को बांटे गए थे 10 इलेक्ट्रिक स्कूटर

इससे पहले, यूएनडीपी ने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत रांची में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से 26 मार्च, 2021 को कोरोनाकाल के दौरान हरित झारखंड के लिए ग्रीन मोबिलिटी की अवधारणा के तहत रांची की आशा वर्कर्स (एएनएम) को 10 इलेक्ट्रिक स्कूटर वितरित किए थे. उस समय झारखंड के मुख्यमंत्रीहेमंत सोरेन ने एएनएम को चाबी सौंपी.

स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यूएनडीपी प्रतिबद्ध : शोको नोडा

यूएनडीपी के रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव शोको नोडा का कहना है कि महिला आशा कर्मी घर-घर जा कर गर्भावस्था एवं परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं. खासकर वे गरीब एवं वंचित समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराती हैं. इनको इलेक्ट्रिक वाहन के माध्यम से हम तेज और सुरक्षित परिवहन प्रदान करते हैं, जिससे वे सामजिक कल्याण में अपनी भागीदारी को और मजबूत बना सकती हैं. इस पहल के माध्यम से यूएनडीपी और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण लोगों के जीवन और आजीविका को बेहतर बनाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. खासकर उन समुदायों के लिए जो हवाई अड्डों के आस-पास रहते हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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