नि:स्वार्थ भाव से लोगों की सेवा में जुटे हैं झारखंड के डॉक्टर, हर वक्त मरीजों की मदद के लिए रहते हैं तैयार

मोरहाबादी के डॉ सतीश शर्मा बतौर ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर रोगियों की सेवा कर रहे हैं. मरीजों के बीच इनकी पहचान बेहतर चिकित्सक के साथ-साथ सहयोगी के रूप में भी है.

रांची शहर में कई ऐसे डॉक्टर हैं, जो प्रोफेशनल लाइफ से अलग राह बनाकर लोगों की नि:स्वार्थ सेवा में जुटे हैं. इनका लक्ष्य बेहतर और निरोग समाज का निर्माण करना है. इसके लिए वह समय-समय पर कैंप लगाकर मरीजों का इलाज करते हैं. जरूरत पड़ने पर देर रात भी मरीजों के सहयोग के लिए खड़े मिलते हैं. वहीं,सीनियर डॉक्टरों का मरीजों के प्रति समर्पण डॉक्टरी पेशा के लिए सीखने लायक है. डॉक्टर्स डे पर हम आपकों ऐसे ही चंद चिकित्सकों से रूबरू करा रहे हैं.

जरूरत पड़ने पर देर रात भी सहयोग के लिए रहते हैं मौजूद

मरीजों को सरकारी योजना का दिला रहे लाभ : मोरहाबादी के डॉ सतीश शर्मा बतौर ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर रोगियों की सेवा कर रहे हैं. मरीजों के बीच इनकी पहचान बेहतर चिकित्सक के साथ-साथ सहयोगी के रूप में भी है. अस्पतालों में कैंसर मरीजों को डॉ सतीश न केवल चिकित्सा सेवा दे रहे हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहयोग भी करते हैं. वह आयुष्मान कार्ड बनवा कर या मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना का लाभ दिलाकर सहयोग करते हैं. वह इम्यूनोथेरेपी के माध्यम से इलाज कर रहे हैं. जागरूकता रैली के माध्यम से कैंसर के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं.

ग्रुप बनाकर नियमित लगाते हैं मेडिकल कैंप :

लालपुर के डॉ संतोष मोदी त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं. इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट झारखंड चैप्टर के अंतर्गत नि:शुल्क कैंप लगाते हैं. इससे कई डॉक्टर्स भी जुड़े हैं, जो चिकित्सीय परामर्श देते हैं. मेडिकल कैंप का आयोजन शहर के विभिन्न सामुदायिक केंद्रों में नियमित तौर पर किया जाता है. जरूरत पड़ने पर मरीजों को नि:शुल्क दवाएं भी दी जाती हैं.

चिकित्सा सेवा के साथ शास्त्रीय संगीत को दे रहे बढ़ावा :

डॉ अत्री गंगोपाध्याय पल्मोनोलॉजिस्ट यानी फेफड़ा संबंधी रोग के विशेषज्ञ हैं. मरीजों की जांच के लिए नि:शुल्क कैंप लगाते हैं. वह शास्त्रीय संगीत भी से जुड़े हैं, इसलिए ऐसे लोगों को प्रोत्साहित भी करते हैं. इससे कलाकारों को भी रोजगार मिलने लगा है.

राज्य में बतौर रक्तवीर बनायी पहचान :

रिम्स के डॉ चंद्र भूषण की पहचान रक्तवीर के रूप में है. रिम्स में पहुंचने वाले लोगों को खून की कमी नहीं हो, इस दिशा में काम करते रहे हैं. अब तक 250 ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन कर चुके हैं. समय-समय पर रक्तदान के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं. डॉ चंद्र भूषण खुद भी 33 बार रक्तदान कर चुके हैं.

चिकित्सा पेशा समर्पण का है, इसलिए कभी अपने दरवाजे पर आये मरीज को नहीं लौटायें. उनका इलाज सेवा भाव से करें. बिना पैसे लिये इलाज करने से ज्यादा आनंद मिलता है. चिकित्सक अपने कर्तव्य को निष्ठा के साथ निभायें.

डॉ एसपी मुखर्जी

चिकित्सा पेशा में समर्पण और सेवा का भाव है. इसी भाव से हम इसको चुनते हैं. समय के साथ-साथ हर पेशा में बदलाव आता है, लेकिन खुद को संयमित रखना जरूरी है. युवा डॉक्टरों को इसका ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि इसकी चुनौती का सामना हमेशा करना होगा.

डॉ सुरेश प्रसाद देबुका

चिकित्सा के इस पेशे में जुड़ने वाले हर युवा डॉक्टर को यह ध्यान रखना चाहिए कि जैसी उनकी सोच होगी, वैसा ही समाज बनेगा. चिकित्सा सेवा में आगे काफी चुनौती आनेवाली है, इसलिए संयम रखना होगा.

डॉ माजिद आलम

मरीज और चिकित्सकों के बीच बेहतर रिश्ता होना चाहिए, क्योंकि बिना विश्वास के इसको कायम नहीं किया जा सकता है. स्वस्थ जीवनशैली अपनायें. स्वस्थ भोजन करें और नियामित रूप से व्यायाम करें.

डॉ एके सिन्हा

एमडी मेडिसीन, राज अस्पताल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >