Death Certificate : झारखंड में मौत के कागज पर सौदेबाजी, तत्काल प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली

Death Certificate : मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रिम्स में अवैध वसूली का खेल चल रहा है. निदेशक ने कहा कि जेल भेजेंगे. शिकायत मिलने के बाद निदेशक का कड़ा रुख सामने आया. उन्होंने कहा कि सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे.

Death Certificate : रिम्स में मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली हो रही है. प्रमाण पत्र के लिए दलाल लोगों से दो हजार रुपये तक की मांग कर रहे हैं. मामला तब सामने आया जब इस संबंध में शिकायत रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार तक पहुंची. गुरुवार को निदेशक ने प्रभारी अपर चिकित्सा अधीक्षक और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काउंटर के कर्मचारियों को बुलाया.

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच में आरोप सिद्ध हुआ तो चिन्हित कर्मचारियों को जेल भेजा जायेगा. निदेशक ने कहा कि मरीज की मौत के बाद प्रमाण पत्र के नाम पर पैसा लेना मानवता को शर्मसार करने वाला है. ऐसे लोग संस्थान की छवि खराब करते हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. मामला निदेशक तक पहुंचने के बाद काउंटर में तैनात कर्मचारियों में खौफ का माहौल है. उन्हें जेल जाने का भय सता रहा है.

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हाल ही में महिला ने लगाया था आरोप

रामगढ़ निवासी गीता देवी ने 26 दिसंबर को मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर पैसा लेने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि आवेदन देते समय ही काउंटर के कर्मचारियों ने 200 रुपये लिये. इसके बाद फोन पर कर्मचारी ने बताया कि दो हजार रुपये देने पर शीघ्र प्रमाण पत्र मिल जायेगा.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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