CoronaVirus Outbreak: मुख्‍यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये दान करेंगे झारखंड के 65000 पारा शिक्षक

कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. झारखंड सरकार ने भी राज्‍यभर में इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दे दिये हैं. केंद्र सरकार ने गुरुवार को गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है. ऐसे में फंड जुटाने के लिए सरकार राहत कोष में सक्षम लोगों से दान की अपील कर रही है. वहीं, झारखंड के 65000 पारा शिक्षक मुख्‍यमंत्री राहत कोष में कोरोनावायरस से निबटने के लिए एक करोड़ रुपये दान करेंगे.

रांची : कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. झारखंड सरकार ने भी राज्‍यभर में इसके कड़ाई से पालन के निर्देश दे दिये हैं. केंद्र सरकार ने गुरुवार को गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है. ऐसे में फंड जुटाने के लिए सरकार राहत कोष में सक्षम लोगों से दान की अपील कर रही है. वहीं, झारखंड के 65000 पारा शिक्षक मुख्‍यमंत्री राहत कोष में कोरोनावायरस से निबटने के लिए एक करोड़ रुपये दान करेंगे.

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से राज्‍य से सभी पारा शिक्षकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने मानदेश में से 155 रुपये दान करें. इसके लिए संगठन ने शिक्षा मंत्री और झारखंड राज्‍य शिक्षा परियोजना को चिट्ठी दी है कि सभी पारा शिक्षकों के मानदेय में से 155 रुपये काटकर कुल एक करोड़ रुपये मुख्‍यमंत्री राहत कोष में जमा करायी जाए.

संगठन की ओर से कहा गया कि इस महामारी में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए झारखंड के सभी पारा शिक्षक तैयार हैं. साथ ही वैसे जरूरतमंद पारा शिक्षकों की मदद का भी आह्वान किया गया. कहा गया कि राज्‍य में करीब पांच हजार पारा शिक्षक पिछली सरकार की उदाशीनता के कारण 11-12 माह से बिना मानदेय के काम कर रहे हैं, ऐसा पारा शिक्षकों की आर्थिक मदद की जानी चाहिए. प्रत्‍येक जिला कमेटी के अध्‍यक्ष, सचिव और सदस्‍य इसकी निगरानी करेंगे.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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