झारखंड में 1.5 फीसदी से कम मरीज की कोरोना से हुई मौत, रांची में स्वस्थ हुए 59.80 फीसदी लोग

देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं. संक्रमण की रफ्तार झारखंड में भी बढ़ी है, लेकिन यहां इस जानलेवा रोग से होने वाली मौत की दर 1.5 फीसदी से भी कम है. वहीं, राजधानी रांची में 59.80 फीसदी मरीज संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर जा चुके हैं. राजधानी में अब तक 103 लोग कोरोना की चपेट में आये थे, जिसमें 61 लोग स्वस्थ हुए. अब सिर्फ 39 लोगों में यह संक्रमण है. वहीं, झारखंड में 55.66 फीसदी मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं.

रांची : देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं. संक्रमण की रफ्तार झारखंड में भी बढ़ी है, लेकिन यहां इस जानलेवा रोग से होने वाली मौत की दर 1.5 फीसदी से भी कम है. वहीं, राजधानी रांची में 59.80 फीसदी मरीज संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर जा चुके हैं. राजधानी में अब तक 103 लोग कोरोना की चपेट में आये थे, जिसमें 61 लोग स्वस्थ हुए. अब सिर्फ 39 लोगों में यह संक्रमण है. वहीं, झारखंड में 55.66 फीसदी मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं.

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प्रदेश के 15 जिलों में शुक्रवार सुबह 9:00 बजे तक 203 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके थे. इनमें से 87 लोग स्वस्थ होकर अपने घर गये. 3 लोगों की मौत हो गयी. राज्य में इस वक्त कोरोना वायरस से संक्रमित 113 मरीजों का अलग-अलग कोविड19 अस्पतालों में इलाज चल रहा है. सबसे ज्यादा 102 मरीज रांची में पाये गये, जिसमें 2 की मौत हो गयी और 61 लोग ठीक हुए. 39 लोगों का कोविड19 अस्पताल में इलाज चल रहा है.

बोकारो और सिमडेगा दो ऐसे जिले हैं, जो कोरोना के संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं. बोकारो में 10 लोगों में कोविड19 की पुष्टि हुई थी, जिसमें एक की मौत हो गयी और 9 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. इसी तरह सिमडेगा में 2 लोग कोरोना से संक्रमित पाये गये थे. दोनों ने इस बीमारी पर जीत दर्ज की और अपने घर गये. हजारीबाग, धनबाद, कोडरमा और गढ़वा ऐसे जिले हैं, जो कोरोना से मुक्त होने के बाद फिर से इसकी चपेट में आ गये.

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गढ़वा जिला में तो एक साथ 20 कोरोना संक्रमित मरीज मिले. ये सभी छत्तीसगढ़ जिला से यहां आये थे. हजारीबाग से गुरुवार को एक साथ 8 कोरोना संक्रमित मरीज मिले, जिसके बाद यह जिला झारखंड में कोरोना का नया हॉट स्पॉट बन गया. ये सभी लोग कोलकाता और मुंबई से अपने घर लौटे थे. इसके पहले भी जो लोग हजारीबाग में कोरोना से संक्रमित पाये गये थे, वे अन्य राज्य से यहां पहुंचे थे.

प्रवासियों की वजह से कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा है कि राज्य में टेस्टिंग के लिए उपकरण लगाये जा रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके. श्री कुलकर्णी ने कहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों में 25 रेड जोन चिह्नित किये गये हैं. इन जगहों से आने वाले हर व्यक्ति को सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जायेगा.

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स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के मुताबिक, राज्य में 63 कंटेनमेंट जोन हैं, जिसके 1,04,517 लोग होम क्वारेंटाइन में हैं. राज्य में 8 दिन में अन्य राज्यों से वपस आने वाले 64 प्रवासी कोरोना पॉजिटिव पाये गये. इनमें सबसे अधिक सूरत, हैदराबाद और मुंबई से आये लोग हैं.

श्री कुलकर्णी ने कहा कि राज्य के 9 जिलों में अभी तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है. रांची, गढ़वा, हजारीबाग और पलामू में 10 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं. क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने के लिए सरकार उनके खान-पान का विशेष ख्याल रख रही है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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