आवासीय विद्यालयों में पढ़ेंगे कोरोना से अनाथ हुए बच्चे, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी लेगी इसकी पूरी जिम्मेदारी

पत्र में कहा गया है कि वैसे बच्चे जिनके माता-पिता या दोनों में से एक का निधन हो गया है, उनके पठन-पाठन को लेकर भारत सरकार की ओर से दिशा-निर्देश दिया गया है.

Corona Orphan Child Scheme In Jharkhand रांची : कोरोना से जिन बच्चों के माता-पिता का निधन हुआ है, ऐसे बच्चों का नामांकन समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित आवासीय विद्यालयों में कराने को कहा गया है. झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक डॉ शैलेश चौरसिया ने इस संबंध में सभी जिलों के डीइओ व डीएसइ को पत्र लिखा है.

पत्र में कहा गया है कि वैसे बच्चे जिनके माता-पिता या दोनों में से एक का निधन हो गया है, उनके पठन-पाठन को लेकर भारत सरकार की ओर से दिशा-निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि कक्षा छह से 12 वर्ष की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, बीपीएल, पिछड़ा वर्ग की छात्राओं का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराया जाये. अनाथ बच्चों का नामांकन नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय स्कूल में कराने का भी निर्देश दिया गया है.

बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित सभी योजनाओं का लाभ देने को कहा गया है. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का नामांकन मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में भी कराने को कहा गया है. निजी विद्यालयों में 25 फीसदी सीट बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित है. सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया है.

शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का निर्देश :

बच्चों की मनोवैज्ञानिक व सामाजिक आवश्यकता को भी ध्यान में रखने को कहा गया है. झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाये. कोई शिक्षक अगर अनाथ बच्चों के बारे में जानकारी रखते हों, तो इसकी जानकारी 1098 पर देने को कहा गया है.

शिक्षा परियोजना ने एक माह में मांगी रिपोर्ट

शिक्षा परियोजना ने सभी जिलों से ऐसे बच्चों की जानकारी एक माह के अंदर राज्य मुख्यालय को देने को कहा है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ऐसे बच्चों की देखरेख व पुनर्वास की व्यवस्था करेगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी को समाज कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है.

अनाथ बच्चों की मदद करेगा आरपीएफ

रांची. आरपीएफ ने पूरे देश में ‘लुक आउट सिक्योर एंड रिहैबिलिटेट कार्यक्रम’ शुरू किया है. कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की तलाश और मदद की जायेगी. जो बच्चे विवशता के कारण घर से भागे गये हैं, उनकी भी मदद की जायेगी. कमांडेंट प्रशांत यादव ने बताया कि अनाथ बच्चों की पहचान के लिए विशेष टीम बनायी गयी है.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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