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झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद के गठन की CM हेमंत ने दी स्वीकृति, सदस्यों के मनोनयन का अधिकार अब मुख्यमंत्री के पास होगा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद के गठन की स्वीकृति दी. सीएम होंगे पदेन अध्यक्ष.
सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद के गठन की स्वीकृति दी. सीएम होंगे पदेन अध्यक्ष.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (रांची) : झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद (Jharkhand Tribes Advisory Council- TAC) के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दे दी है. इसके साथ ही अब TAC के गठन में राजभवन की भूमिका की जगह सीएम सदस्यों का मनोनयन करेंगे. इधर, गठन की स्वीकृति के साथ ही सदस्यों के नामों की भी घोषणा कर दी गयी है.

इसके तहत TAC के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे. वर्तमान में हेमंत सोरेन इसके पदेन अध्यक्ष होंगे. साथ ही अनुसूचित जनजाति, जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चंपई सोरेन पदेन उपाध्यक्ष होंगे. इसके अलावा सदस्य के तौर पर प्रो स्टीफन मरांडी, बाबूलाल मरांडी, नीलकंठ सिंह मुंडा, बंधु तिर्की, सीता सोरेन, दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा, कोचे मुंडा, भूषण तिर्की, सुखराम उरांव, दशरथ गगराई, विकास कुमार मुंडा, नमन विक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप और सोनाराम किस्कू को सदस्य बनाया गया है. वहीं, विश्वनाथ सिंह सरदार और जमल मुंडा को मनोनीत सदस्य नियुक्त किया गया है.

इसके अलावा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव TAC के सचिव होंगे. वहीं, TAC के सदस्यों का कार्यकाल Jharkhand Tribal Advisory Council Rule 2021 के प्रावधानों के अनुरूप होगा. इसके अलावा TAC के कार्यों का निष्पादन Jharkhand Tribal Advisory Council Rule 2021 के प्रावधानों के अनुरूप किया जायेगा. यह तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

बता दें कि इससे पहले TAC की नयी नियमावली के तहत झारखंड ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल रूल 2021 (Jharkhand Tribal Advisory Council Rule 2021) की अधिसूचना जारी की गयी थी. पहले सदस्यों के मनोनयन का अधिकारी राजभवन को था. पूर्व में सदस्यों के मनोनयन की अनुशंसा के लिए नाम राज्य सरकार की ओर से राज्यपाल को भेजे जाते थे, लेकिन अधिसूचना जारी होने और गठन की स्वीकृति मिलने के बाद सदस्यों के मनोनयन का अधिकार राजभवन से लेकर मुख्यमंत्री में निहित कर दिया गया है.

बताया गया है कि हेमंत सरकार ने TAC के सदस्यों के मनोनयन को लेकर दो बार नाम राजभवन भेजे थे, लेकिन इन राजभवन से इन नामों को वापस कर दिया गया था. इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने नयी नियमावली बनायी और इस नियमावली के आधार पर मनोनयन के लिए नाम राजभवन नहीं भेज कर मुख्यमंत्री को ही अधिकार दे दिया गया है. हालांकि, राज्यपाल राज्य में जनजातीय आबादी के विकास के लिए TAC की सलाह ले सकती हैं.

Posted By : Samir Ranjan.

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