रांची. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्डी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची में कंज्यूमर रिसर्च एंड पॉलिसी के तत्वावधान में तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू हो गया. पहले दिन एनयूएसआरएल रांची और भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान (आइआइएलएम), रांची के बीच करार हुआ. यह करार ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान पहल को आगे बढ़ाने के लिए हुआ. तकनीकी सत्र की शुरुआत एनसीडीआरसी के अध्यक्ष व न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही ने की. उन्होंने रियल एस्टेट-बिल्डर-खरीदार विवाद, बीमा विवाद और बैंकिंग सेवाओं में कमियों जैसे मुद्दों पर जानकारी साझा की. इस अवसर पर एनसीडीआरसी की सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ) सुधीर कुमार जैन, भारतीय विधिक मापविज्ञान संस्थान (आइआइएलएम), रांची के निदेशक डॉ राजेश्वर कुमार, झारखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी, एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो. (डॉ) आशोक आर पाटिल, सहायक रजिस्ट्रार डॉ जीसू केतन पटनायक तथा सीसीआरपी के संकाय संयोजक अभिनव गुप्ता उपस्थित थे. वहीं दूसरे सत्र में एनसीडीआरसी के सदस्य, न्यायमूर्ति (डॉ) सुधीर कुमार जैन ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत शिकायत निवारण तंत्र पर विस्तार से प्रकाश डाला. इस सत्र के बाद पैनल डिस्कशन भी हुआ. इसके बाद छात्र संवाद का सत्र हुआ, जिसमें एनसीडीआरसी के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही ने एनयूएसआरएल के विद्यार्थियों के साथ रूबरू हुए. मौके पर एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो (डॉ) आशोक आर पाटिल ने कहा कि सत्र ने उपभोक्ता न्याय प्रणाली की बारीकियों को समझने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया है.
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