रांची: अपर बाजार के रंगरेज गली स्थित जेवर दुकान के संचालक गणोश साहू को रिहा करने के लिए अपराधियों ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी, लेकिन सौदा 15 लाख रुपये में तय हुआ था.
कोतवाली पुलिस की टीम ने उन्हें बिना रकम दिये हुए ही रिहा करा लिया. व्यवसायी को जसपुर थाना क्षेत्र के लोदाम के रामरेखा पहाड़ी से रिहा कराया गया. इस अपहरण में सिमडेगा, गुमला के रायडीह व छत्तीसगढ़ के आधे दर्जन से अधिक अपराधी शामिल थे. सभी अपराधी का नाम व पता पुलिस को मिल गया है. शीघ्र ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर लेगी. यह जानकारी कोतवाली इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी अरविंद सिन्हा ने दी.
क्या था मामला
अरविंद सिन्हा ने बताया कि 27 जनवरी को गणोश साहू दुकान बंद कर इटकी स्थित आवास जाने के लिए कार से निकले. उनके साथ एक कर्मचारी भी था. उनलोगों ने इटकी रोड के एक होटल में खाना खाया. उसके बाद वे लोग घर नहीं पहुंचे. 28 जनवरी को व्यवसायी पुत्र ने लापता का सनहा कोतवाली थाना में दर्ज कराया था. लापता होने के एक दिन के बाद व्यवसायी पुत्र के मोबाइल पर एक करोड़ रुपये फिरौती की मांग की गयी. उसने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी. कोतवाली पुलिस ने तकनीकी शाखा से उस मोबाइल का कॉल डिटेल निकाला. मोबाइल का लोकेशन हमेशा रायडीह, सिमडेगा या जसपुर बताता था. पुलिस ने फिरौती की रकम अधिक होने की बात कह कर 15 लाख रुपये में सौदा तय किया. उसके बाद सादे लिबास में पुलिस की टीम जसपुर पहुंची. कोतवाली पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस की मदद से व्यवसायी व कर्मचारी को रिहा करा लिया.
