शिक्षा पद्धति में बदलाव जरूरी : कुलपति

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कांके: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नये भवन में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं. इस मौके पर कुलपति प्रो डॉ बीसी निर्मल ने कहा कि वर्तमान शिक्षा पद्घति को वैल्यू एजुकेशन बनाने की आवश्यकता है. विद्यालय से लेकर कॉलेज तक और तकनीकी संस्थानों में रोजगारोन्मुखी शिक्षा दिये जाने की बात कुलपति ने कही. विवि में फैकल्टी और उन्होंने कहा कि मैनपावर की कमी है जिसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा. अगले वर्ष 2015 से छात्रों के प्लेसमेंट का मूल्यांकन भी किया जायेगा.

कुलपति श्री निर्मल ने कहा कि विधि विवि, विदेशी विवि के साथ एमओयू का भी प्रयास करेगा. विवि द्वारा न्यूजलेटर का प्रकाशन आरंभ किया गया है. जल्द ही जर्नल का भी प्रकाशन किया जाएगा. काफी प्रयासों के बाद विवि का अपना कैंपस मिला है. विवि में 50 प्रतिशत सीटें झारखंड राज्य के छात्रों के लिए आरक्षित हैं. नियुक्ति में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जायेगी. विवि का राज्य में खुलना बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि विवि के खुलने से यहां के लोगों के बीच रोजगार का सृजन होगा.

नगड़ी के ग्रामीणों ने मुआवजा मांगा
नगड़ी (कांके) के ग्रामीणों ने लॉ यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए ली गयी भूमि के बदले मुआवजे की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा वर्तमान दर से दी जानी चाहिए. ग्रामीणों ने नौकरी, कैंपस के अंदर व्यावसायिक कार्यो में प्राथमिकता देने तथा नगड़ी के विद्यार्थियों के लिए सीट आरक्षित करने की भी मांग की है. विकास टोप्पो, बिरसा टोप्पो, सुनीता टोप्पो, रवि टोप्पो, मंगू टोप्पो सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जिन किसानों की जमीन ली गयी वे अभी भी न्याय के लिए भटक रहे हैं. युवा झारखंड के अरुण प्रधान ने भी कहा है कि यूनिवर्सिटी बनाने में जो जमीन ली गयी उस पर आश्रित किसान पूरी तरह से बेसहारा हो चुके हैं क्योंकि जमीन व खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत था.

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