झारखंड के पर्यटन स्थलों को देश में नंबर वन बनायेंगे : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

विजय शर्मा इटखोरी : झारखंड की पहचान प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा व आंदोलनकारियों के प्रदेश के रूप में है. यहां कई धार्मिक स्थल भी हैं. इतिहास की कहानियां छिपी हैं. इसे समझने की जरूरत है. उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को छठे राजकीय इटखोरी महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर कही. उन्होंने कहा […]

विजय शर्मा
इटखोरी : झारखंड की पहचान प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा व आंदोलनकारियों के प्रदेश के रूप में है. यहां कई धार्मिक स्थल भी हैं. इतिहास की कहानियां छिपी हैं. इसे समझने की जरूरत है. उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को छठे राजकीय इटखोरी महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर कही. उन्होंने कहा कि राज्य के धार्मिक पर्यटक स्थलों को विकसित कर देश में पहले नंबर पर लाया जायेगा.
उन्होंने कहा कि बोध गया व इटखोरी की कनेक्टिविटी सुगम हुई है. रजरप्पा, देवघर, देवड़ी मंदिर व चतरा के कौलेश्वरी मंदिर का नाम जेहन में आया है. इसके लिये सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि लोग पहले झारखंड को खनिज संपदा के रूप में जानते थे, लेकिन अब आने वाले समय में पर्यटक के क्षेत्र में भी जानेंगे. पर्यटन उद्योग व विकसित को बढ़ावा देने के लिए हम कृतसंकल्प हैं. उन्होंने मां भद्रकाली से राज्य की जनता के लिए सुख, समृद्धि व विकास की कामना की.
50 दिन में 50 निर्णय लिये गये : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के श्रम नियोजन मंत्री सत्यानंद भोगता ने सरकार के 50 दिन की उपलब्धियां गिनायी. उन्होंने कहा कि सरकार ने नये साल में पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका व होम गार्ड का वेतन नियमित किया. जिला विकास के पथ पर अग्रसर है. 50 दिन में 50 निर्णय लिये गये. गरीबों को इलाज के लिये पांच लाख रुपये की मदद दी जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >