रांची : रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों को 18 जनवरी को परोसे गये खाने में कीड़ा होने की पुष्टि हुई है. निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर बनायी गयी जांच टीम ने इसकी पुष्टि की है. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि 20 जनवरी को न्यूरो सर्जरी वार्ड व किचन की जांच की गयी. वार्ड में भर्ती मरीजों से पूछताछ करने पर पता चला कि खाने में कीड़ा था. मरीजों ने कहा कि खाने में कीड़ा होने के कारण उन्होंने बाहर से खाना मंगा कर खाया.
कई बार ऐसा हुआ है, जिससे परेशानी होती है. टीम ने यह भी लिखा है कि किचन का औचक निरीक्षण के दौरान पता चला कि खाना पैकिंग के समय डायटीशियन मौजूद नहीं थी. वहीं जिस प्लास्टिक की थाली में मरीजों को खाना दिया जा रहा था, उसमें सब्जी व दाल की मात्रा कम थी.
टीम ने बताया कि जांच के दौरान किचन की स्थिति भी ठीक नहीं पायी गयी. जहां सब्जी काटी जाती है, वहां का टाइल्स टूटा हुआ है. वाटर कूलर करीब नौ से 10 माह से खराब है. ऐसे में सब्जी बनाने में शुद्ध पानी का उपयोग नहीं किया जाता है. सब्जी की कटाई, धुलाई व खाना तैयार करने में शुद्ध पानी का इस्तेमाल नहीं होने से कीड़ा मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
ओटी की गाइडलाइन का पालन करें सर्जन
रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने डॉक्टरों को मरीजाें की सर्जरी समय से करने का निर्देश दिया है. एनेस्थिसिया के डॉक्टरों द्वारा समय पर सर्जन के नहीं आने की शिकायत के बाद निदेशक ने दोबारा यह निर्देश दिया है. बुधवार को निदेशक ने कुछ सर्जन को बुलाकर समय से ड्यूटी नहीं आने व नौ बजे से सर्जरी शुरू नहीं करने का कारण पूछा.
उन्होंने डॉक्टरों को ओटी की गाइडलाइन का पालन करने को कहा. वहीं एनेस्थिसिया के डॉक्टरों से कहा कि अगर सर्जन समय पर ऑपरेशन शुरू नहीं करते हैं, तो उस दिन सर्जरी टाल दी जाये. निदेशक ने स्पष्ट किया कि अब एनेस्थिसिया विभाग पहले से मजबूत हो गया है. फैकल्टी की संख्या पहले से बढ़ गयी है. पर्याप्त मात्रा में फैकल्टी होने के बावजूद अगर हम ज्यादा से ज्यादा सर्जरी नहीं कर पाये, तो यह अच्छी बात नहीं है. समय पर सर्जरी शुरू होने पर ही ऑपरेशन की संख्या बढ़ पायेगी.
कार्यालय से ही उपस्थिति पर रख रहे नजर : निदेशक ने डाॅक्टरों को बताया कि वह बायोमेट्रिक्स के माध्यम से डाॅक्टरों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग अपने कार्यालय से ही कर रहे हैं. ऐसे में विलंब से आने पर कोई यह नहीं कह सकता है कि समय पर आये हैं. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के समय का पालन करना डॉक्टरों में खुद का अनुशासन बताता है.
पीडियाट्रिक सर्जरी में एमसीएच कोर्स शुरू होने की उम्मीद जगी
रांची : रिम्स के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में एमसीएच की पढ़ाई शीघ्र शुरू होने की उम्मीद जगी है. पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डाॅ हीरेंद्र बिरूआ ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) को लिखित रूप में बताया है कि यहां कमियों को दूर कर लिया गया है. बुधवार को उन्होंने एमसीआइ को एमसीएच की दो सीट के हिसाब से आधारभूत संरचना व फैकल्टी पूरा करने की जानकारी दी. सूत्रों की मानें, तो कमी पूरा होने की सूचना पर एमसीअाइ शीघ्र ही एमसीएच कोर्स शुरू करने की अनुमति दे सकता है. अगर संभव हुआ, ताे इसी सत्र से पीडियाट्रिक विभाग में एमसीएस की पढ़ाई शुरू हो जायेगी.
रांची : किडनी का अलग विभाग खुलेगा तीन नेफ्रोलॉजिस्ट की हुई नियुक्ति
रांची : रिम्स में किडनी मरीजों को अब बेहतर व गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा. प्रबंधन ने तीन किडनी रोग विशेषज्ञों की नियुक्त की है. इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गयी है. प्रोफेसर के रूप में डॉ शिवेंद्र सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में डॉ प्रज्ञा पंत व प्रेम शंकर पटेल को नियुक्ति किया गया है. डाॅक्टरों की नियुक्ति होने से शीघ्र ही किडनी का अलग विभाग रिम्स में खुलेगा. इसके बाद किडनी मरीजों को मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों से परामर्श नहीं लेना पड़ेगा.
इधर, रिम्स प्रबंधन ने प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भी एक डॉक्टर डॉ विक्रांत रंजन को नियुक्त किया गया है. वहीं विभाग में डॉ गौरव चतुर्वेदी पहले से सेवा दे रहे हैं. इससे बर्न के मरीजों को बेहतर इलाज मिल पायेगा. वहीं पीडियाट्रिक सर्जरी में डॉ अभिषेक रंजन को एसोसिएट प्रोफेसर बनाया गया है. क्रिटिकल केयर में डाॅ जयप्रकाश, डॉ सुदीप्तो बनर्जी व डॉ लालचंद टुडू को, न्यूरोलॉजी में डॉ सुरेंद्र कुमार को, नियोनेटोलॉजी में डाॅ प्रीता को, एनेस्थिसिया में डॉ दीपाली सिंह व डॉ संजय कुमार को नियुक्त किया गया है.
कैश काउंटर व पंजीयन सेंटर के कर्मचारी निदेशक से मिले
रांची : कैश काउंटर व पंजीयन सेंटर को एचडीएफसी के जिम्मा करने पर बुधवार को वहां नियुक्त दैनिक कर्मचारियों ने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह से मुलाकात की. कर्मचारियों ने बताया कि एचडीएफसी काे कैश काउंटर व पंजीयन काउंटर देने से हमारी नौकरी खतरे में पड़ जायेगी. हमारी सेवा कहां की जायेगी, इसकी कोई सूचना अभी तक नहीं दी गयी है. हम चार साल यहां सेवा दे रहे हैं. निदेशक डॉ सिंह ने कर्मचारियों को बताया कि शीघ्र ही अाप लोगों को काम करने का जगह सुनिश्चित कर दिया जायेगा. हालांकि वैसे कर्मचारी को ही रिम्स रखेगा, जिनका काम अच्छा होगा.
