लापरवाही. मरीजों को समय पर नहीं मिलती है एंबुलेंस, इधर
रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में मरीजों को समय पर एंबुलेंस नसीब नहीं हो रही है. दूसरी ओर अत्याधुनिक एंबुलेंस से रिम्स प्रबंधन फर्नीचर की ढुलाई करवा रहा है. शनिवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया. अधीक्षक कार्यालय के सामने से कार्डियेक एंबुलेंस में फर्नीचर लाद कर उसे प्रशासनिक भवन ले जाया गया. एंबुलेंस में कर्मचारी बेतरतीब तरीके से टेबुल व कुर्सी लादकर ले गये. इस दौरान रिम्स के कुछ पूर्व अधिकारियों की नजर इस पर पड़ी, तो उन्होंने कर्मचारियों को वहां से जल्दी भागने को कहा, लेकिन कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. वे आराम में एंबुलेंस में फर्नीचर लादते रहे. उक्त एंबुलेंस पावर ग्रिड द्वारा रिम्स को उपलब्ध करायी गयी है.
चार दिन में जेरिएट्रिक वार्ड शुरू करें : निदेशक
रांची. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को जेरिएट्रिक वार्ड का निरीक्षण किया. उन्होंने जेरिएट्रिक वार्ड (बुजुर्गों के लिए विशेष वार्ड ) को तीन से चार दिनों में शुरू करने का निर्देश दिया है.
मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने से वार्ड को शुरू नहीं किया जा रहा है. जब निदेशक ने कर्मचारी से ऑक्सीजन पाइप को चालू करवाया, तो वह शुरू हो गया. इस पर निदेशक ने चार दिनों में विंग को शुरू करने का निर्देश दिया. वहीं डायलासिस यूनिट में निरीक्षण के दौरान कमरा में कचरा एकत्र होने पर निदेशक ने नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि डायलासिस यूनिट को नेफ्रोलॉजिस्ट के योगदान देने के बाद मेडिसिन विभाग से हटा कर नेफ्रोलॉजी विभाग को दे दिया जायेगा, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
अधीक्षक कार्यालय की गैलरी में अनावश्यक फर्नीचर पड़ा हुआ था, जिसको शिफ्ट करने का आदेश दिया था. अब एंबुलेंस से फर्नीचर को ढोया गया है या किसी अन्य वाहन से, इसकी जानकारी मुझे नहीं है. अगर एंबुलेंस से फर्नीचर को ढोया गया है, तो यह गलत है. सोमवार को जांच करायी जायेगी कि आखिर किसने एंबुलेंस से फर्नीचर ढोने को कहा.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स
