रांची : सीएए के खिलाफ कडरू में महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है. सोमवार को धरना प्रदर्शन में काफी संख्या में अधिवक्ता अौर विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए. इस दौरान काला बैलून उड़ा कर इसका विरोध किया गया.
धरना पर बैठी खदीजा बेगम ने सीएए को रद्द करने की मांग की. इशरत अंजुम ने कहा कि वह बीमार रहने के बावजूद धरना पर बैठी है. एदार-ए-शरिया झारखंड के महासचिव मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी के नेतृत्व में पूरी टीम ने धरना का समर्थन किया.
हाइकोर्ट के अधिवक्ता मुख्तार अहमद खान ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए देशवासियों को एक साथ आना होगा. उन्होंने कहा कि संविधान सभी को बराबरी का हक देता है. अधिवक्ता अब्दुल कलाम रसीदी ने कहा कि हम अपने तहजीब को बर्बाद नहीं होने देंगे. हम अधिवक्ता आपके साथ हैं. अधिवक्ता हिमायू रशीद ने कहा कि हम इस काले कानून को नहीं मानते हैं, क्योंकि यह कानून देश हित में नहीं है.
अधिवक्ता शमीम ने कहा कि सीएए, एनआरसी, एनपीआर देश को खोखला कर देने वाला है. मौके पर सादिक, अधिवक्ता दीबा अनवर, अधिवक्ता अब्दुल कलाम रसीदी, अधिवक्ता सरफराज अख्तर, अधिवक्ता रजा उल्लाह, अधिवक्ता शकील अहमद अंसारी, अधिवक्ता वाज उर रहमान, अधिवक्ता शमीम,अधिवक्ता एन अंसारी, अधिवक्ता इस्लाम खान, अधिवक्ता सैयद एस आलम, अधिवक्ता तालिब आलम, अधिवक्ता सीमा आरा, अधिवक्ता जिया उल, अधिवक्ता एमके परवेज, अधिवक्ता हशमत, अधिवक्ता जावेद सुल्तान, अधिवक्ता जैद अहमद, अधिवक्ता इम्तियाज खान, अधिवक्ता शाहिद हुसैन आदि मौजूद थे.
