रांची : एचइसी प्रबंधन आवासीय परिसर स्थित दुकानों का किराया कम करने पर विचार कर रहा है. इसको लेकर 20 जनवरी के बाद किसी भी दिन व्यवसायी संघ के साथ प्रबंधन बैठक कर सकता है. इधर, इस मामले में जगन्नाथपुर व्यवसायी संघ ने एचइसी के कार्मिक निदेशक को पत्र लिख कर समय मांगा है.
मालूम हो कि व्यवसायी संघ ने दुकानों के किराये में अप्रत्याशित वृद्धि पर आपत्ति जताते हुए एचइसी प्रबंधन से किराया कम करने का आग्रह किया था. इस संबंध में पूर्व में कार्मिक निदेशक के साथ व्यवसायी संघ की कई बार बैठक हो चुकी है.
बैठक में तय हुआ था कि किराया कम करने पर विचार बाद में किया जायेगा. पहले पुराने किराये के हिसाब से मार्च 2018 तक का बकाया भुगतान दुकानदारों से करायें. इसके बाद दुकानदारों ने बकाया किराया जमा किया था. बकाया जमा करने के बाद किराये कम करने को लेकर बैैठक नहीं हुई और न ही उसके बाद दुकानदारों ने किराया जमा किया.
इसको देखते हुए प्रबंधन दुकानों का किराया कम करने को लेकर व्यवसायी संघ के साथ बैठक करने पर विचार कर रहा है. मालूम हो कि एचइसी प्रबंधन ने अप्रैल 2018 से दुकानों के किराये में काफी वृद्धि कर दी थी. आवासीय परिसर में नगर प्रशासन विभाग द्वारा 1040 दुकान आवंटित हैं.इसके अलावा आवासीय परिसर में काफी संख्या में अवैध दुकानें भी हैं.
वेतन पुनरीक्षण को लेकर यूनियन की बैठक कल
रांची. हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री राणा संग्राम सिंह ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का समय आ गया है. यदि एचइसी की वित्तीय स्थिति खराब चल रही है या कंपनी करोड़ों रुपये के घाटे में चल रही है, तो इसके लिए कामगार दोषी नहीं हैं. श्री सिंह ने उक्त बातें शनिवार को यूनियन की बैठक में कही.
उन्होंने कहा कि यूनियन ने बीच का रास्ता निकालते हुए तदर्थ राशि के भुगतान का प्रस्ताव आठ माह पूर्व दिया था. उस समय भारी उद्योग मंत्री रहे अरविंद सांवत तैयार थे, लेकिन इस दौरान काफी बदलाव हुआ और पूरा मामला लटक गया. वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए 13 जनवरी को बैठक कर आगे की रणनीति बनायी जायेगी.
