रांची : राज्य सरकार द्वारा निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर की जांच के लिए विशेष कमेटी का गठन किये जाने के बाद रिम्स प्रबंधन भी सख्ती की तैयारी में है. प्रबंधन एक जनवरी से डॉक्टरों की ड्यूटी व ओपीडी के समय पर नजर रखेगा. ओपीडी का कमरा समय पर खुल रहा है या नहीं.
डॉक्टर नौ बजे ओपीडी में परामर्श के लिए उपलब्ध हो रहे हैं या नहीं, इसपर प्रबंधन के अधिकारी विशेष ध्यान देंगे. रिम्स निदेशक व अधीक्षक डॉक्टरों की ड्यूटी पर नजर रखेंगे. वह ड्यूटी टाइम से पहले रिम्स परिसर में पहुंच कर औचक निरीक्षण करेंगे कि डॉक्टर ओपीडी में बैठ गये हैं या नहीं. उपस्थित नहीं रहनेवाले डॉक्टरों की सूची तैयार की जायेगी. गौरतलब है कि हाइकोर्ट ने रिम्स प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि डॉक्टर ड्यूटी पर समय से आ रहे हैं या नहीं. कोर्ट ने निदेशक को निर्देश दिया है कि डाॅक्टर समय पर आयें, यह आपको सुनिश्चित करना है. कोर्ट ने कहा कि निदेशक अपने स्तर से कार्रवाई कर सकते हैं. निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि एक जनवरी से सख्ती बरती जायेगी. औचक निरीक्षण किया जायेगा और कार्रवाई की जायेगी.
क्या है रोटाएबुलेशन : रोटाएबुलेशन एक मशीन है, जो ड्रिल मशीन की तरह ही है. इसमें डायमंड का चिप लगा रहता है. यह चिप एक मिनट में 1.60 लाख बार कैल्शियम को तोड़ने का काम करता है. कैल्शियम तोड़ कर छोटा करने से आर्टरी में रास्ता बन जाता है, जिससे बैलूनिंग आसान होती है. इसके बाद स्टेंट को आर्टरी में फिट किया जाता है.
