व्यापारियों ने मेन रोड से अपर बाजार तक पैदल मार्च किया
रांची : लालपुर स्थित ज्वेलरी दुकान ‘गहना घर’ में हुए गोलीकांड के विरोध में व्यापार बंद का मिलाजुला असर रहा. झारखंड चेंबर द्वारा सोमवार को बुलाये गये सांकेतिक व्यापार बंद के दौरान मेन रोड के अधिकतर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. 11 बजे के करीब अलबर्ट एक्का चौक पर व्यवसायी एकत्र हुए और बंद में शामिल हुए. व्यापारियों ने मेन रोड (हनुमान मंदिर) से अपर बाजार तक पैदल मार्च कर विरोध दर्ज कराया.
बंद के दौरान व्यापारियों ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था और चेकिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाया. चेंबर सदस्यों और अन्य व्यवसायियों का कहना था कि हम पुलिस-प्रशासन से यह सवाल करना चाहते हैं कि अब तक अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं.
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि घटना का खुलासा नहीं किये जाने से व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है. पुलिस-प्रशासन को बताना चाहिए कि अब तक बदमाशों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया.
चेंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि बंद को राज्य भर से समर्थन मिला है. यदि पुलिस-प्रशासन की उदासीनता जारी रही, तो आगे आक्रामक रणनीति पर विचार किया जायेगा. हालांकि कोकर, लालपुर, हिनू, डोरंडा, अपर बाजार आदि इलाकों में ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद के आह्वान के बाद भी खुले रहे. ज्ञात हो कि लालपुर स्थित ज्वेलरी दुकान ‘गहना घर’ में घुस कर बदमाशों ने दो व्यवसायी बंधु को गोली मार दी थी.
बंद के दौरान झारखंड थोक वस्त्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष अनिल जालान, उपाध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा, राम बांगड़, महासचिव धीरज तनेजा, सह सचिव मुकेश अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष मनीष सर्राफ, सदस्य परेश गट्टानी, दीपक मारू, रंजीत गाड़ोदिया, विनय अग्रवाल आदि मौजूद थे.
