रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने बुधवार को अारसीएच सभागार में दो समझौता-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया.
राज्य के गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहला समझौता कोलकाता की इस्काग संजीवनी प्रा. लि.के साथ हुआ है. इसके अमल में आ जाने से झारखंड के 16 जिलों के गरीब मरीजों को डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क मिलेगी. इससे पहले झारखंड के अाठ जिलों में बीपीएल मरीजों सहित उन मरीजों को, जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपये से कम है, यह सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है.
इधर, बुधवार को दूसरा समझौता अलर्ट इंडिया प्रा.लि. के साथ हुआ. इसके तहत राज्य के 13 जिलों में टीबी के मरीज, जो निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं, उन्हें सरकार के निक्षय कार्यक्रम से जोड़ा जायेगा तथा इनके इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी. अलर्ट इंडिया का काम निजी अस्पतालों में इलाज करानेवाले टीबी के मरीजों से संपर्क करना तथा उनका पूरा रेकॉर्ड रखना भी होगा.
