रांची : कोनार सिंचाई परियोजना की नहर टूटने व फसल नष्ट होने की घटना इंजीनियरों की गलती के कारण हुई थी. चूहों के बिल की वजह से नहीं, बल्कि इंजीनियरों की लापरवाही के कारण नहर टूटी थी. रिपोर्ट में नहर टूटने का कारण रेगुलेटरी गेट की मॉनिटरिंग नहीं किया जाना बताया गया है. पानी का प्रवाह तेज होने की स्थिति में रेगुलेटरी गेट को खोला जाना था, लेकिन पानी का प्रवाह तेज होने के बाद भी गेट नहीं खोला गया. पानी का तेज प्रवाह कंट्रोल नहीं होने की वजह से नहर टूट गयी.
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने घटना की जांच कर अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह को रिपोर्ट सौंप दी है. इस बारे में पूछे जाने पर श्री सिंह ने बताया कि विभाग के चार अभियंताओं को मामले में दोषी मानते हुए उन पर कार्रवाई की जा रही है. एक अधीक्षण अभियंता विद्यानंद सिंह, सहायक अभियंता राहुल कुमार माल्टो और दो कनीय अभियंता विनोद कुमार व पिंकू कुमार शर्मा को निलंबित करने का आदेश दिया गया है.
श्री सिंह ने कहा कि नहर की मरम्मत शुरू कर दी गयी है. मरम्मत कार्य पूरा होते ही नहर में पानी फिर से छोड़ा जायेगा. इसके अलावा घटना से प्रभावित किसानों की भी सहायता की जा रही है. अभियंताओं को प्रभावित किसानों से मिल कर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास करने को कहा गया है.
