रांची/ हटिया : मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों के बच्चे शुक्रवार को स्पेशल ट्रेन से हैदराबाद रवाना हुए. मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी और स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर हटिया रेलवे स्टेशन से ट्रेन को रवाना किया. मुख्य सचिव ने बच्चों को शुभकामनाएं दी. उन्होंने बच्चों के बीच चॉकलेट भी बांटा.
952 विद्यार्थी भ्रमण पर हैदराबाद गये
रांची/ हटिया : मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों के बच्चे शुक्रवार को स्पेशल ट्रेन से हैदराबाद रवाना हुए. मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी और स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर हटिया रेलवे स्टेशन से ट्रेन को रवाना किया. मुख्य सचिव […]

शैक्षणिक भ्रमण पर जानेवालों में 952 विद्यार्थी और 48 शिक्षक शामिल हैं. इसके अलावा तीन पदाधिकारी भी बच्चों के साथ हैदराबाद गये हैं. भ्रमण के बाद बच्चे 14 अगस्त को रांची लौटेंगे. हैदराबाद में विद्यार्थी साइंस सिटी, गोलकुंडा किला, सलारजंग म्यूजियम, हसैन सागर झील और रामूजी फिल्म सिटी देखने जायेंगे.
20 अगस्त को जायेगा बच्चों का दूसरा दल :बच्चों का दूसरा दल 20 अगस्त को अमृतसर के लिए रवाना होगा. अमृतसर से बच्चे 25 अगस्त को रांची वापस लौटेंगे. इसके बाद बच्चे जयपुर और मैसूर जायेंगे. जयपुर के लिए ट्रेन चार सितंबर को हटिया रेलवे स्टेशन से खुलेगी. 21 सितंबर को बच्चे मैसूर रवाना होंगे.
हर दल के लिए अलग-अलग बच्चों का चयन किया गया है. बच्चों के चयन के लिए प्रमंडल व जिला स्तर पर कमेटी बनायी गयी है. इससे पहले वर्ष 2017 में भी बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर गये थे. मौके पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक दिलीप झा, झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक उमाशंकर सिंह, डीआरएम नीरज अंबष्ट समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
बच्चों ने जतायी खुशी
शैक्षणिक भ्रमण से हम जैसे बच्चों को काफी लाभ होगा. इससे विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन होगा. सरकार की यह अच्छी पहल है.
पूजा कुमारी
मैं काफी खुश हूं. मेरे माता-पिता के पास उतना पैसा नहीं है कि मुझे हैदराबाद घूमने के लिए भेज सकें.
– अनुज कुमार गुप्ता, गढ़वा
मेरे शिक्षक ने जब बताया कि सरकार सभी बच्चों को घूमने के लिए हैदराबाद भेज रही है, तो काफी खुशी हुई.
– दुर्गेश कुमार
जब मुझे पता चला कि मैं हैदराबाद जा रही हूं तो काफी खुशी हुई. माता-पिता को बतया, तो वे भी काफी खुश हुए.
– अंशु कुमारी