रांची : रिम्स में कैंसर के मरीजों की कीमोथेरेपी की दवा मंगाने के मुद्दे पर गुरुवार को रेडियोथेरेपिस्ट और मेडिसिन अंकोलॉजिस्ट आपस में भिड़ गये थे. बहस इतनी बढ़ी कि मामला रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह के पास पहुंच गया.
पूरा मामला समझने के बाद निदेशक ने आदेश दिया कि कीमोथेरेपी मेडिसिन अंकोलॉजिस्ट की जिम्मेदारी है, इसलिए दवा उन्हीं के निर्देश पर मंगायी जायेगी. दरअसल, रिम्स में मेडिसिन अंकोलॉजिस्ट की नियुक्ति से पहले किमोथेरेपी देने का काम रेडियोथेरेपिस्ट ही करते थे. अब मेडिसिन अंकोलॉजिस्ट ने इस प्रक्रिया पर एतराज जता दिया.
कहा कि किसी भी हाल में एक व्यक्ति का एकाधिकार नहीं चलेगा. कैंसर के मेडिसिन विंग की जिम्मेदारी मेरी है, इसलिए दवाएं मैं ही लिखूंगा. बेहतर होगा कि रेडियोथैरेपिस्ट अपना काम करें. इसी मुद्दे पर दोनों में कहा-सुनी हो गयी. इसके बाद मेडिकल अंकोलॉजिस्ट ने मामले की शिकायत रिम्स निदेशक से कर दी.
