रांची : सदर अस्पताल में इसी माह से शुरू होगा नी-रिप्लेसमेंट

नये भवन में ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार, जल्द ही ओपीडी भी शुरू होगा रांची : रांची सदर अस्पताल में इसी माह के अंत तक नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) की सेवाएं मरीजों को उपलब्ध करा दी जायेंगी. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी तैयारी में शुरू कर दी है. इसके लिए निजी अस्पतालों से इंट्रेस्ट आॅफ एक्सप्रेशन मांगा है. […]

नये भवन में ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार, जल्द ही ओपीडी भी शुरू होगा
रांची : रांची सदर अस्पताल में इसी माह के अंत तक नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) की सेवाएं मरीजों को उपलब्ध करा दी जायेंगी. अस्पताल प्रबंधन ने इसकी तैयारी में शुरू कर दी है. इसके लिए निजी अस्पतालों से इंट्रेस्ट आॅफ एक्सप्रेशन मांगा है.
जानकारी के अनुसार कई अस्पतालों ने इसके लिए रुचि दिखायी है. मूल्यांकन के बाद यह तय किया जायेगा कि किस अस्पताल से नी-रिप्लेसमेंट की सेवा लेनी है. सदर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नी-रिप्लेसमेंट पर होनेवाले खर्च का भुगतान ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत किया जायेगा.
सरकार द्वारा निर्धारित की गयी दर ही दी जायेगी : योजना के तहत नी-रिप्लेसमेंट के लिए सरकार ने जो दर निर्धारित कर रखी है, वही दर निजी अस्पताल के विशेषज्ञ डाॅक्टरों को दी जायेगी. जानकारी के अनुसार ऑपरेशन के लिए सदर अस्पताल के नये भवन में ऑपरेशन थिएटर तैयार कर लिया गया है. इसके अलावा अन्य स्पेशल ओपीडी शुरू करने की तैयारी भी चल रही है. उपाधीक्षक डॉ बिमलेश सिंह ने बताया कि नी-रिप्लेसेमें पहले शुरू करना है. इसके बाद अन्य सेवाएं शुरू की जायेंगी.
रिम्स रांची : सुपर स्पेशियलिटी विंग के पांचवें तल पर बनाया जायेगा मेडिकल आइसीयू
रांची : रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी विंग के पांचवें तल का एक ब्लॉक बेकार पड़ा हुआ है. वहां अत्याधुनिक बेड, मॉनिटर, पेंडेेंट सहित कई उपकरण धूल फांक रहे हैं. अब रिम्स प्रबंधन ने इसकी सुध ली है.
इस ब्लॉक को मेडिकल आइसीयू बनाने की तैयारी की जा रही है. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बुधवार को सुपर स्पेशियलिटी विंग का निरीक्षण किया. उनके साथ ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज और आइसीयू विशेषज्ञ डॉ प्रदीप भट्टाचार्या व अन्य अधिकारी शामिल थे. निदेशक ने डॉ प्रदीप भट्टाचार्या से स्थल निरीक्षण करते हुए पूछा कि क्या इस ब्लॉक को मेडिकल आइसीयू में तब्दील किया जा सकता है?
अाधारभूत संरचना को देखते हुए विशेषज्ञों ने निदेशक को बताया कि थोड़ी तब्दील कर इसको आइसीयू रूप दिया जा सकता है. पुरानी बिल्डिंग से सुपर स्पेशियलिटी विंग व कार्डियोलॉजी विंग जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां मरीज को शिफ्ट करने व डाॅक्टरों को पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. गौरतलब है कि रिम्स में वर्तमान मेडिकल आइसीयू सामान्य वार्ड की तरह है, जिससे डॉक्टर चाह कर भी मरीजाें को बेहतर इलाज नहीं दे पाते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >