रांची : रांची जिले के 15 मौजा ही अब सेंसस टाउन के दायरे में होंगे. इस सूची में खलारी, कांके, ओरमांझी, सिल्ली, नामकुम, रातू, नगड़ी और बुंडू के मौजा शामिल हैं. इसका आकलन सांख्यिकी विभाग ने किया है. पहले 274 मौजा सेंसस टाउन की सूची में शामिल थे. रांची जिले के 259 मौजा कृषि भूमि माने जायेंगे. यह सभी 259 मौजा सेंसस टाउन की सूची से बाहर हो गये हैं.
यह आंकड़ा नयी जनगणना के आधार पर ही जारी किया गया है. इससे 259 मौजा की जमीन को आवासीय मान कर खरीद-बिक्री के समय स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है. अब 259 मौजा की जमीन की खरीद-बिक्री के समय आवासीय के बदले कृषि दर के आधार पर स्टांप का भुगतान किया जायेगा. कृषि भूमि का दर आवासीय का आधा होता है. यानी अब 259 मौजा की जमीन की खरीद-बिक्री के समय कम स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना पड़ेगा. कृषि योग्य भूमि का दर के आधार पर ही जमीन का मुआवजा भी तय होगा. ये सभी अर्द्ध शहरी की सूची में शामिल था. नयी व्यवस्था के तहत रांची जिले के 259 मौजा अब कृषि भूमि के दायरे में आ चुका है.
क्या है सेंसस टाउन
सेंसस टाउन उसे माना जाता है, जाे न ग्रामीण है न शहरी. यानी अर्द्ध शहरी के दायरे में शामिल था. ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद रहन-सहन शहरी हो चुका है. सांख्यिकी विभाग पूर्व में 274 मौजा को सेंसस टाउन मानता था.
ये मौजा सेंसस टाउन के दायरे में आये
खलारी-विश्रामपुर,चूरी, राय व खलारी
कांके- कांके व अरसंडे
ओरमांझी- इरबा
सिल्ली-मुरी
नामकुम-टाटी, आरा व बरगड़वा
रातू-रातू
नगड़ी-टूंडीउल
बुंडू-बुंडू नगर पंचायत
