रांची : राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रहनेवाले लोग पिछले चार माह से पानी के लिए तरस रहे हैं. गर्मी में 25 हजार से अधिक बोरिंग के फेल होने के कारण नगर निगम प्रतिदिन 270 जगहों पर टैंकर से पानी उपलब्ध करा रहा है. हालांकि यह भी कम पड़ जाता है. शहर की बड़ी आबादी पूरी तरह से नगर निगम के सप्लाई वाटर पर आश्रित है, लेकिन पीएचइडी ने पानी सप्लाई करने का कोई टाइम टेबल निर्धारित नहीं किया है. इस कारण लोग रतजगा करने को मजबूर हैं.
सप्लाई पानी के लिए रतजगा कर रहे लोग
रांची : राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रहनेवाले लोग पिछले चार माह से पानी के लिए तरस रहे हैं. गर्मी में 25 हजार से अधिक बोरिंग के फेल होने के कारण नगर निगम प्रतिदिन 270 जगहों पर टैंकर से पानी उपलब्ध करा रहा है. हालांकि यह भी कम पड़ जाता है. शहर की बड़ी आबादी […]

राजधानी में सप्लाई पानी आने का कोई टाइम टेबल नहीं है. कभी सुबह चार बजे सप्लाई शुरू कर दी जाती है, तो कभी दिन के 12 बजे. कई बार तो रात के दो-तीन बजे पानी की सप्लाई की जाती है. इस कारण थड़पखना, इस्ट जेल रोड, चेशायर होम रोड, बड़गाईं, लालपुर, पीस रोड, मोरहाबादी, न्यू एरिया मोरहाबादी, अपर बाजार, बरियातू रोड, हरिहर सिंह रोड, कुसुम विहार रोड के निवासी रतजगा करने को विवश हैं. लोगों का कहना है कि बोरिंग फेल होने के बाद से हमलोग पूरी तरह सप्लाई वाटर पर आश्रित हो गये हैं. ऐसे में रात में जग कर सप्लाई वाटर का इंतजार करना पड़ता है.
राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रहनेवाले लोग पिछले चार माह से पानी के लिए तरस रहे हैं
25 हजार बोरिंग फेल होने से निगम प्रतिदिन 270 जगहों पर टैंकर से पानी उपलब्ध करा रहा है
सप्लाई वाटर कभी सुबह चार बजे, तो कभी रात के दो बजे आता है
क्या कहते हैं मंत्री व अभियंता
यह मामला मेरे अधिकार क्षेत्र के बाहर का है. शहर में पानी की आपूर्ति का काम पीएचइडी का है. इसलिए इस बारे में पीएचइडी के अभियंता या मंत्री ही कुछ बतायेंगे. हम कुछ नहीं बता पायेंगे़
सीपी सिंह नगर विकास मंत्री
हमारा काम केवल पानी को जलागार तक भेजने का है. जलागार से मोहल्ले में पानी की आपूर्ति की जाती है. इसलिए इस बारे में बूटी जलागार के वर्मा जी बेहतर बतायेंगे.
प्रभात कुमार, कार्यपालक अभियंता रुक्का वाटर फिल्टरेशन प्लांट
अनियमित बिजली आपूर्ति के साथ-साथ कभी कुछ तकनीकी खराबी आ जाती है. इस कारण सप्लाई पानी की आपूर्ति एक निर्धारित समय में नहीं हो पाती है. जल्द ही इस समस्या को सुलझा लिया जायेगा.
केके वर्मा, कार्यपालक अभियंता, बूटी जलागार