रांची : लाख कोशिशों के बावजूद रिम्स की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. ताजा मामला न्यूरो सर्जरी विभाग का है, जहां एक मरीज की मौत के 15 घंटे बाद भी उसका शव बेड पर ही पड़ा रहा. जबकि, रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह करीब छह महीने पहले ही यह निर्देश दे चुके हैं कि किसी भी मरीज की मौत के बाद उसका शव वार्ड से 30 मिनट के भीतर ही हटा कर मॉर्चरी में डाल देना है या परिजनों के सुपुर्द कर देना है.
दरअसल, जामताड़ा निवासी गोपाल पॉल को उनके परिजन ने एक सप्ताह पहले न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉ अनिल कुमार के यूनिट में भर्ती कराया था. मरीज की स्थिति गंभीर थी. रविवार रात 12 बजे इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गयी. इसके बाद से ही परिजन वार्ड में नर्स से बॉडी कैरिंग सर्टिफिकेट की मांग करते रहे, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था. सोमवार सुबह छह बजे तक शव को घर ले जाने के लिए परिजन सर्टिफिकेट के लिए भटकते रहे. वे कभी इमरजेंसी में जाकर कागजात बनाने का आग्रह करते, तो कभी वार्ड में आते थे. इस कारण करीब 15 घंटे शव बिस्तर पर पड़ा रहा.
