रांची : संविदा पर नियुक्त इंजीनियरों के आगे नगर विकास मंत्री ही लाचार

शकील अख्तर मंत्री ने सचिव को पत्र लिख नियुक्ति पर उठाया था सवाल, नहीं हुई कार्रवाई रांची : राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह इंजीनियरों के आगे लाचार हैं. उनके नहीं चाहने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए इन इंजीनियरों को संविदा पर नियुक्त कर लिया गया. इन इंजीनियरों में राजीव कुमार वासुदेव, […]

शकील अख्तर
मंत्री ने सचिव को पत्र लिख नियुक्ति पर उठाया था सवाल, नहीं हुई कार्रवाई
रांची : राज्य के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह इंजीनियरों के आगे लाचार हैं. उनके नहीं चाहने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए इन इंजीनियरों को संविदा पर नियुक्त कर लिया गया.
इन इंजीनियरों में राजीव कुमार वासुदेव, सहेंद्र सिन्हा और रमेश झा हैं. राजीव कुमार वासुदेव जुडको में मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत हैं. वहीं सहेंद्र सिन्हा धनबाद नगर निगम में मुख्य अभियंता और रमेश झा देवघर नगर निगम में अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्यरत थे.
नगर विकास मंत्री ने नियम विरुद्ध की गयी इन नियुक्तियों में शामिल अफसरों को चिह्नित करने और उनके विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश सचिव को दस माह पहले दिया था.
हालांकि किसी के खिलाफ कुछ नहीं हुआ. उल्टे नियम विरुद्ध नियुक्त इंजीनियरों को कई महत्वपूर्ण पद दे दिये गये. मंत्री ने सचिव को पत्र में लिखा था कि झारखंड अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जुडको) के इंजीनियरिंग सेल में मुख्य अभियंता के पद पर संविदा के आधार पर हुई नियुक्ति सही नहीं है.
मुख्य अभियंता की नियुक्ति तीन साल के लिए संविदा पर की गयी है. जबकि वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में संविदा के आधार पर एक साल के लिए ही नियुक्त करने का प्रावधान है. संविदा के आधार पर नियुक्त किसी व्यक्ति से एक-एक साल करके अधिकतम तीन साल तक काम लिया जा सकता है.
लेकिन जुडको में मुख्य अभियंता की नियुक्ति एक ही साथ तीन साल के लिए की गयी है. जुडको के अलावा मंत्री ने धनबाद नगर निगम में संविदा के आधार पर मुख्य अभियंता सहेंद्र सिन्हा और देवघर नगर निगम में रमेश झा की अधीक्षण अभियंता के पद पर हुई नियुक्ति पर सवाल उठाया था. मंत्री ने इन तीनों इंजीनियरों की नियुक्ति वित्त विभाग के आदेश के खिलाफ करार दिया था. सहेंद्र सिन्हा और रमेश झा की संविदा अवधि समाप्त हो चुकी है. रमेश झा को देवघर से रांची लाया गया और रांची नगर निगम में अधीक्षण अभियंता के रूप में पदस्थापित किया गया था.
इनकी नियुक्ति हुई नियम विरुद्ध
राजीव कुमार वासुदेव जुडको में मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत, सहेंद्र सिन्हा धनबाद नगर निगम में मुख्य अभियंता और रमेश झा देवघर नगर निगम में अधीक्षण अभियंता के रूप में कार्यरत थे
संविदा के आधार पर एक साल के लिए नियुक्त करने का प्रावधान है, मंत्री ने इन तीनों इंजीनियरों की नियुक्ति वित्त विभाग के आदेश के खिलाफ करार दिया था
कई नगर निगम में इंजीनियर बन बैठे हैं कार्यपालक पदाधिकारी, नगर आयुक्त की भी निभा रहे भूमिका
संविदा पर नियुक्त मुख्य अभियंता को तीन-तीन प्रभार
जुडको में संविदा पर मुख्य अभियंता के रूप में नियुक्त राजीव कुमार वासुदेव एक ही साथ तीन-तीन महत्वपूर्ण पद पर काबिज हैं. वह जुडको में मुख्य अभियंता के साथ ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर टेक्निकल के प्रभार में हैं. प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में वह टेंडर कमेटी के चेयरमैन की भूमिका निभा रहे हैं. इसके अलावा रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) में भी मुख्य अभियंता के प्रभार में हैं.
कई इंजीनियर बन बैठे हैं कार्यपालक पदाधिकारी
कई इंजीनियर नगर निगम में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. वहां नगर आयुक्त की भूमिका भी निभा रहे हैं. इन इंजीनियरों में सुरेश यादव हैं, जो हजारीबाग नगर निगम में कार्यपालक पदाधिकारी हैं. वहीं मानगो में इंजीनियर जेपी यादव ,आदित्यपुर में इंजीनियर दीपक साहा और खूंटी नगरपालिका में इंजीनियर महेंद्र यादव कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित हैं.

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