रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने हड्डी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ एलबी मांझी को शोकॉज जारी किया है. उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन की मोहलत दी गयी है. साथ ही कहा गया है कि अगर उनके पास कोई प्रमाण है, तो प्रस्तुत करें.डॉ मांझी को भेजे गये पत्र में लिखा है, ‘आपके द्वारा 35 सिरिंज पंप की खरीद की गयी, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया गया. वहीं, स्टॉक रजिस्टर में उससे संबंधित कोई जानकारी भी दर्ज नहीं है. ऐसे में यह सिद्ध होता है कि बिना जरूरत के खरीद हुई, जिससे संस्थान को 18,99,975 रुपये का नुकसान हुआ है.’ इधर, रिम्स प्रबंधन ने इस मामले की पूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी है.
हड्डी विभाग में सिरिंज पंप खरीदने का मामला : डॉ एलबी मांझी को शोकॉज सात दिनों में देना है जवाब
रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने हड्डी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ एलबी मांझी को शोकॉज जारी किया है. उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन की मोहलत दी गयी है. साथ ही कहा गया है कि अगर उनके पास कोई प्रमाण है, तो प्रस्तुत करें.डॉ मांझी को भेजे गये पत्र में […]

इसमें सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी को बताया गया है कि उपकरण की जरूरत नहीं होने के बावजूद उसकी खरीद की गयी है. ऐसे में संस्थान को हुई क्षति को विभागाध्यक्ष और सिस्टर इंचार्ज से वसूलने का फैसला लिया गया है. स्वास्थ्य विभाग से इस पर मंतव्य की जरूरत है.नौ सिरिंज पंप के होने का कर रहे थे दावा, उसमें से भी आठ गायब : रिम्स निदेशक डाॅ दिनेश कुमार सिंह और अधीक्षक डाॅ विवेक कश्यप ने शुक्रवार को हड्डी रोग विभाग की सिस्टर इंचार्ज से इस मामले में पूछताछ की.
उनसे पूछा गया कि आपने नौ सिरिंज पंप के होने की बात स्वीकार की है, उसे मेट्रॉन को दिखायें. मेट्रॉन को बुलाकर जब सिस्टर के साथ सत्यापन के लिए भेजा गया, तो नौ में से आठ सिरिंज पंप गायब मिले. इसकी जानकारी मेट्रान ने लिखित रूप से निदेशक व अधीक्षक को दे दी है.
खींचतान
रिम्स निदेशक ने स्वास्थ्य सचिव को भेजी मामले की जानकारी, मांगा मंतव्य
इधर, अपने स्टैंड पर कायम हैं डॉ मांझी, कहा : मैंने कोई गलत काम नहीं किया
क्या साबित करना चाहते हैं निदेशक : डॉ मांझी
विभागाध्यक्ष डॉ एलबी मांझी ने कहा है कि अगर रिम्स निदेशक को मशीन की खरीद पर शक है, तो उन्हें पहले मेरा पक्ष लेना चाहिए था. लेकिन, मुझसे पहले मीडिया को सूचना देकर वे क्या साबित करना चाहते हैं? मैंने कोई गलती नहीं की है.