दंडाधिकारी समेत सशस्त्र बल व महिला बल तैनात
रातू : एक पखवारा गर्भगृह में रहने के बाद बुधवार को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलराम के विग्रहों का नेत्रदान अनुष्ठान किया गया. पुरोहित कामदेव नाथ मिश्रा, पुजारी करुणा मिश्रा, मूर्तिकार संतोष सूत्रधार ने पूजा-अर्चना कर अनुष्ठान संपन्न कराया. इसके बाद आम लोगों के लिए भगवान का दर्शन सुलभ हो गया. शाम में विग्रहों की आरती के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया.
गुरुवार की सुबह छह बजे पुजारी पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर का पट्ट खोल दिया जायेगा. शाम चार बजे विग्रहों को रथारूढ़ कर रथयात्रा निकाली जायेगी.
रथयात्रा को लेकर व्यापक तैयारी की गयी है. नौ पहियावाले 24 फीट ऊंचा विशाल रथ को रंग-रोगन कर तैयार किया गया है. वहीं मेला में बिजली चालित झूला, मौत का कुआं, सर्कस, बच्चों का झूला, मिठाई, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें, राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला लगा है. मेला को लेकर प्रशासन ने विधि-व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी समेत सशस्त्र बल व महिला बल की तैनाती की गयी है. मेला में सीसीटीवी लगा कर वॉच टावर बनाया गया है. जहां से सुरक्षा व्यवस्था कि निगरानी की जायेगी. श्रीसाईं स्वयंसेवी संस्था, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी की सदस्य मंदिर परिसर मे तैनात रहेंगे.
बेड़ो : ईटाचिल्दरी व चनकोपी गांव में जगन्नाथ स्वामी मंदिर में भगवान जगन्न्नाथ , भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के विग्रहों का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बुधवार की संध्या में नेत्रदान किया गया. ईटाचिल्दरी में पुजारी सत्यनारायण पाण्डेय की अगुवाई में पुरोहितों ने मंदिर के संस्थापक स्व लाल गोकुल नाथ शाहदेव के वंशजों को पूजा करायी.
वहीं चनकोपी गांव में रथयात्रा की पूर्व संध्या पर भगवान जगन्नाथ का नेत्र उत्सव हुआ. चनकोपी में रथयात्रा सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल होती है. रथयात्रा में हर वर्ग और धर्म के लोग शिरकत करते हैं. पूजा व रथयात्रा के आयोजक लाला आनंद किशोरनाथ शाहदेव ने बताया कि इस बार भगवान के लिए नये रथ का निर्माण किया गया है.
इटकी : जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ व अन्य विग्रहों का बुधवार को नेत्रदान किया गया. इसके साथ ही भगवान का दर्शन शुरू हो गया. गुरुवार को प्रातः सात बजे रथयात्रा पर मंदिर का पट आम लोगों के दर्शनार्थ खोल दिया जायेगा.
नेत्रदान अनुष्ठान पंडित सुंदर श्याम तिवारी के नेतृत्व में मंदिर के प्रबंधक लाल बद्रीनाथ शाहदेव व लाल रामेश्वर नाथ शाहदेव ने भगवान जगन्नाथ के अलावा माता सुभद्रा व भाई बलराम सहित अन्य विग्रहों की पूजा-अर्चना की गयी. महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया.
पूजा में वंशीधर साहू, कृष्णा राम तिवारी, लक्ष्मी केसरी, सीताराम महतो, मनोज केसरी, पंचम महतो सहित अन्य शामिल थे. इधर पंडित तिवारी ने बताया कि गुरुवार को प्रातः सात बजे से भगवान का दर्शन शुरू होगा.
दोपहर 12 बजे महाभोग के लिए करीब आधा घंटा दर्शन रोक दिया जायेगा. शाम पांच बजे सभी विग्रह व प्रतिमाओं को रथ पर सवार किया जायेगा. महाआरती के बाद 5.30 बजे मौसीबाड़ी के लिए भगवान की रथयात्रा शुरू होगी. मौसीबाड़ी मंदिर में भगवान को स्थापित कर आरती की जायेगी. नौ दिनों के बाद 12 जुलाई को भगवान पुनः मुख्य मंदिर लौटेंगे.
