रांची : शहर के अंदर नेशनल हाइवे-23(रांची-इटकी रोड) पर चलना मुश्किल हो गया है. बरसात के कारण तो सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है. मिट्टी धंस रही है. मोरम के कारण हाल नारकीय हो रहा है. गाड़ियां हिचकोले खाते आ-जा रही हैं.
रात में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. कहां सड़क बनी हुई और कहां सड़क ब्लॉक है, यह बताने के लिए कहीं भी साइन एज या साइन बोर्ड नहीं लगे हैं. अगर ढलाई वाली सड़क पर गाड़ी चढ़ती है, तो दूसरी ओर जाकर फंस जा रही है. उतरने के लिए रास्ता नहीं है. इस सड़क का काम निरंतर चल रहा है, पर काम करानेवाली एजेंसी समय रहते सचेत नहीं हुई.
रातू रोड का हाल
रातू रोड मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर ग्लैक्सिया मॉल के पहले केवल गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं. ठीक देवी मंडप गली मुड़नेवाली जगह पर करीब 100 मीटर की दूरी सड़क की स्थिति नारकीय हो गयी है.
पहले भी स्थिति बदतर थी, लेकिन उस पर डस्ट डाल कर चलने लायक बनाया गया था. इधर, जब से बारिश शुरू हुई है, हालात और बदतर हो गये हैं. गड्ढों में गाड़ियों के चक्के घुस जा रहे हैं. पानी भरा
होने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है. पूर्व में कचहरी से लेकर पिस्का मोड़ होते हुए बिजुपाड़ा तक फोरलेन सड़क बननी थी. बाद में प्रोजेक्ट में संशोधन हुआ और फोरलेन का काम पिस्का मोड़ के काफी पहले हेहल पोस्ट अॉफिस तक ही हुआ. इधर, रातू रोड में एलिवेटेड कॉरीडोर बनाने की तैयारी चल रही है. यानी तब तक लोगों को गड्ढों से होकर ही चलना पड़ेगा.
इटकी रोड का हाल
इटकी रोड में सिटी अस्पताल के आगे कैलाश सिंह देव के घर व उनके बगल के मकान में सड़क का पानी घुस रहा है. एनएच 23 के फोरलेन का काम करनेवाली एजेंसी ने यहां पर सड़क खोद कर छोड़ दिया है. सड़क कच्ची है. ऐसे में यह दुर्घटना का प्वाइंट बन गया है. यहां पर गाड़ियां हिचकोले खाते चल रही हैं. इसी जर्जर कच्ची सड़क से होकर गाड़ियां आ-जा रहीहैं. खासकर रात में बड़े वाहनों के पलटने और दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है.
बजरा पुल का हाल
बजरा पुल का निर्माण आधा-अधूरा रह गया है. एप्रोच रोड का काम भी नहीं हो सका. डायवर्सन कच्चा है. ऐसे में इससे होकर गाड़ियां का आना-जाना मुश्किल हो गया है. यहां करीब 400 मीटर की दूरी तक मोरम बिछायी गयी है.
बारिश में मोरम से होकर आवागमन हो रहा है. डायवर्सन में गाड़ियों के चक्के भी फिसल रहे हैं. डीएवी हेहल, संत माइकल सहित अन्य स्कूलों के वाहनों का आवागमन इस मार्ग से होता है. वहीं, छोटे वैन व ऑटो से भी बच्चों का आना-जाना होता है. ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
