रांची : दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद

रांची : सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने शनिवार को दुष्कर्म मामले में आरोपी राजेश मांझी उर्फ राजेश कुमार मांझी (28 वर्ष) को दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया़ जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर एक साल […]

रांची : सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने शनिवार को दुष्कर्म मामले में आरोपी राजेश मांझी उर्फ राजेश कुमार मांझी (28 वर्ष) को दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया़ जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर एक साल के साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी.
अदालत ने आरोपी राजेश मांझी को मुरी निवासी दिव्यांग (मूक-बधिर) युवती के साथ दुष्कर्म मामले में दोषी पाया था. इससे पूर्व सहायक लोक अभियोजक ने आरोपी को सख्त सजा देने का आग्रह किया. संभवत: सिविल कोर्ट रांची के इतिहास में यह दूसरा मामला है, जिसमें दुष्कर्म जैसे अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है.
सुनवाई में पीड़िता का पक्ष मूक-बधिर स्कूल के शिक्षक ने रखा : अपर न्यायायुक्त की अदालत में हरमू के मूक-बधिर स्कूल के शिक्षक शंभु प्रसाद सिंह की गवाही को अदालत ने महत्वपूर्ण माना. पीड़िता ने अदालत में इशारों से अपनी बातें रखी, जिसे शिक्षक श्री सिंह ने अदालत के सामने रखा था.
छह-सात माह बाद दर्ज कराया गया था मामला : पीड़िता के पिता ने 16 अक्तूबर 2013 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. घटना के छह-सात माह बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था. मामला तब प्रकाश में आया, जब परिजनों ने पीड़िता का उभरा पेट दिखा. पूछने पर पीड़िता ने इशारों में सब कुछ बयान किया. इसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवायी. आरोपी राजेश मांझी पीड़िता के गांव का ही है. घटना उस समय हुई थी, जब आरोपी पीड़िता के खेत में काम कर रहा था.

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