अनुशासन व समर्पण का भाव रखें विद्यार्थी: डॉ मुखर्जी

रांची : रिम्स में पीजी के नामांकन के बाद कैंपस में आये विद्यार्थियाें को शनिवार को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया. विद्यार्थियों को पद्मश्री डॉ एसपी मुखर्जी ने अपने मेडिकल जीवन के बारे में बताया. उन्हाेंने विद्यार्थियों से कहा कि मेडिकल प्रोफेशन मेें हमेशा अनुशासन और समर्पण होना चाहिए. आपने इसका संकल्प कर लिया, तो […]

रांची : रिम्स में पीजी के नामांकन के बाद कैंपस में आये विद्यार्थियाें को शनिवार को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया. विद्यार्थियों को पद्मश्री डॉ एसपी मुखर्जी ने अपने मेडिकल जीवन के बारे में बताया. उन्हाेंने विद्यार्थियों से कहा कि मेडिकल प्रोफेशन मेें हमेशा अनुशासन और समर्पण होना चाहिए. आपने इसका संकल्प कर लिया, तो जीवन में एक बेहतर डॉक्टर बन सकते है.

एक डॉक्टर के मन में सेवा की भावना होनी चािहए. इससे ही समाज में डॉक्टरों के प्रति प्रतिष्ठा की भावना बढ़ेगी. कुलपति डॉ रमेश पांडेय ने कहा कि डॉक्टरों में सहानुभूति की भावना होनी चाहिए. धैर्य के नाव पर जाे भी चढ़ता है और उतरता नहीं है, उसको सफलता अवश्य मिलती है. इसलिए जीवन में हमेशा धैर्य धारण करके चलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में परीक्षा लेने के लिए बनारस से एक एक्सपर्ट आये थे, उनकी तबीयत खराब हुई तो रिम्स मेें ही जान बची. ऐसे कार्य से ही रिम्स की छवि बनती है. निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि अनुशासन का पालन तो विद्यार्थियों को करना ही होगा. समय से अस्पताल में आना होगा और सेवा देनी होगी. वह कुछ विद्यार्थियोें के देर से पहुंचने पर नाराज थे.
इधर, कार्यक्रम मेें आर्ट ऑफ लिविंग के एक्सपर्ट विद्यार्थियाें को कैसे जीवन में खुश रहा जा सकता है इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि खुशी जीवन में हर हाल में जरूरी है. इससे आप जीवन में काफी परिवर्तन ला सकते हैं और तनाव मुक्त रह सकते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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