रांची : लोकसभा चुनाव में यूपीए ने शिकस्त खायी है़ भाजपा खेमा उत्साहित है़ अब विधानसभा की बारी है़ भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है़ अब दलों में सेंधमारी का खेल होगा़ पार्टियों के मजबूत नेता इधर-उधर करेंगे़ मांडू से झामुमो विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने पहले ही पाला बदल चुके है़ं भाजपा के अंदर झामुमो का खूंटा हिलाने का प्लॉट तैयार किया जा रहा है़
यूपीए में महागठबंधन का खाका तैयार होने के बाद से ही झामुमो के कई विधायकों का मन डोल रहा है़ कोल्हान पर भाजपा की नजर है़ सिंहभूम सीट कांग्रेस के कोटे में जाने के बाद झामुमो के अंदर बनी परिस्थिति को भाजपा भूना सकती है़
भाजपा की नजर दक्षिणी छोटानागपुर के विधायकों पर भी है़
लोकसभा चुनाव के दौरान ही इन विधायकों पर डोरे डाले गये है़ं संतालपरगना में भी भाजपा झामुमो की जमीन पर घुसपैठ की कोशिश कर सकती है़ वहीं भाजपा के कुछ विधायक भी झामुमो के संपर्क में है़ं संतालपरगना से पूर्व प्रद्श अध्यक्ष ताला मरांडी झामुमो से निकटता बढ़ाये हुए हैं. विधानसभा चुनाव में ताला की चाबी झामुमो के पास हो सकती है़ इसके साथ ही पलामू के एक विधायक झामुमो के संपर्क में है़ं
झाविमो के अंदर गहराया विवाद
इधर झाविमो लोकसभा चुनाव के बाद पस्त है़ झाविमो के अंदर ही विवाद गहरा गया है़ विधायक दल के नेता प्रदीप यादव की दूरियां पार्टी से बढ़ी है़ एक महिला के साथ विवाद के बाद पार्टी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने श्री यादव से महासचिव पद छोड़ने के लिए कहा, तो श्री यादव ने घंटे भर के अंदर पद छोड़ दिया़ बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच झाविमो में टूट संभव है़ श्री यादव दूसरा ठौर तलाश सकते है़ं
नये दावेदार भी ठोक रहे हैं ताल
विधानसभा चुनाव में पार्टियों के अंदर नये दावेदार भी ताल ठोक सकते है़ं भाजपा अपने पुराने चेहरे को बदल सकती है़ वहीं झामुमो में भी नये खिलाड़ी आ सकते है़ं कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्टियों के विधायकों का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है़ ऐसे में फेरबदल की संभावना है़
- झामुमो भी करेगा उलटफेर, ताला की चाबी हो सकती है झामुमो के पास
- झाविमो से प्रदीप यादव की दूरी बढ़ी, तलाश सकते हैं दूसरा ठौर
