रांची: रांची नगर निगम बोर्ड की बैठक गुरुवार को निगम सभागार में हुई. चार माह बाद हुई इस बैठक में अवैध होर्डिग का मुद्दा छाया रहा. पार्षदों ने निगम अधिकारियों से पूछा कि जब मात्र 245 होर्डिग की ही परमिशन मिली हुई है तो फिर शहर में पांच हजार से अधिक होर्डिग कैसे हैं. पार्षदों के आरोप पर निगम सीइओ मनोज कुमार ने कहा कि इसकी जांच होगी. इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जायेगा. बैठक में नवनिर्वाचित मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, डिप्टी सीइओ ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे.
सफाई व्यवस्था बरबाद : बैठक में साफ सफाई के मुद्दे पर जैसे ही चर्चा हुई सभी पार्षदों ने शिकायतों की झड़ी लगा दी. पार्षदों ने कहना शुरू किया कि शहर की सफाई व्यवस्था एक दम चौपट हो गयी है. कूड़ा का उठाव करने वाले कॉम्पैक्टर, टाटा एस, ट्रैक्टर आदि आधे से अधिक खराब पड़े हुए हैं. निगम सीइओ ने कहा कि वे कोशिश करेंगे की एक सप्ताह में पार्षदों की शिकायत को दूर किया जा सके.
पार्षद भिड़े : बैठक में वार्ड नं दो के पार्षद सुरेंद्र नायक व वार्ड 30 के पार्षद ओमप्रकाश हरमू नदी में निजी जमीन पर पुल बनाये जाने के मामले पर भिड़ गये. बात हाथापाई तक पहुंचने वाली थी तब पार्षदों ने दोनों को समझाया.
लोगों का विश्वास खो दिया है नगर निगम ने: मेयर
बैठक में पार्षद अशोक खलखो ने कहा कि नगर निगम की बैठकों में समस्याओं का निदान नहीं होता है. इससे मेयर चुनाव में लोगों ने कम वोट किया. लोगों को भी लगता है कि नगर निगम से कुछ होने वाला नहीं है.
