नेशनल फोरम फॉर एससी, एसटी एंड ओबीसी कम्युनिटी का ‘वोट का अधिकार’ विषय पर संगोष्ठी
रांची : नेशनल फोरम फॉर एससी, एसटी एंड ओबीसी कम्युनिटी द्वारा सीएमपीडीआई कैंपस स्थित मयूरी प्रेक्षागृह में ‘वोट का अधिकार’ विषय पर संगोष्ठी का आयाेजन किया गया.
इसमें मुख्य अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरयू प्रसाद ने कहा कि लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और संविधान की जानकारी के बिना यह नहीं हो सकती. संविधान द्वारा दिया गया वोट का अधिकार तभी सार्थक माना जायेगा, जब इसका उपयोग देश के निर्माण और समाज व संविधान की रक्षा के लिए हो़
सीएमपीडीआई के निदेशक (तकनीक) आरएन झा ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल रही हैं और जाति, धर्म, क्षेत्र आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त हो रहा है.
किसी से भी अच्छी बातें लेने में हिचक नहीं होनी चाहिए. डॉ अंबेडकर ने उस समय की कठिन परिस्थितयों में बदलाव लाने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो आज भी जारी है़ सीएमपीडीआई में कार्मिक विभाग के महाप्रबंधक सुनीता मेहता ने कहा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर ने यह रेखांकित किया कि किसी भी व्यवस्था का आधार समानता ही होना चाहिए. अधिवक्ता खालिदा हया रश्मि ने कहा कि वोट देना संवैधानिक अधिकार है. यदि यह अधिकार नहीं होगा, तो देश लोकतंत्र नहीं कहलायेगा.
हमें अपने अधिकारों के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है. इस अधिकार के कारण ही हम सरकार से सवाल पूछ सकते हैं और यह देश की प्रगति में मदद करता है़ इससे पूर्व नेशनल फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहदेव राम ने कहा कि अभी भी लोगों को वोट के अधिकार का महत्व समझना बाकी है. चुनाव आयोग के निर्देशों का पूरा पालन नहीं होता है.
संविधान से छेड़छाड़ की जा रही है, जिसे रोकना होगा. नागेंद्र बैठा ने कहा कि बाबा साहेब ने कहा कि अपना वोट ऐसे लोगों को दें जो जाति, धर्म आदि भेदभाव से उठ कर देश के विकास में योगदान दें. हरि नारायण महली ने कहा कि लोगों को अपने अधिकार व न्याय के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है. मौके पर कमलेश राम, मो सद्दाम अफसर, ब्रजकिशोर, डॉ देवेंद्र कुमार शरण, हरीशचंद्र भगत, मीरा कुमारी, शत्रुघ्न राम, राजेश गुप्ता व अन्य ने भी विचार रखे़
