एनडीए-महागठबंधन दोनों की परेशानी बढ़ी, रामटहल, रवींद्र पांडेय, चमरा व फुरकान अंसारी हैं तनातनी के मूड में
सतीश कुमार
रांची : झारखंड लोकसभा चुनाव में पहले एनडीए व महागठबंधन आमने-सामने थे. झारखंड में भाजपा ने आजसू के साथ गठबंधन किया है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, झामुमो व झाविमो का गठबंधन है. पहले आमने-सामने में होनेवाली लड़ाई का सीन अब बदलता नजर आ रहा है.
दलों की ओर से जैसे-जैसे सीट का बंटवारा हो रहा है. वैसे-वैसे बागी प्रत्याशी भी सामने आने लगे हैं. भाजपा फिलहाल अपने दो सीटिंग सांसदों का टिकट काट चुकी है. गिरिडीह में सांसद रवींद्र पांडेय व खूंटी में कड़िया मुंडा का टिकट काटा गया है. गिरिडीह के सांसद ने बागी तेवर अपना लिया है.
उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है. वहीं भाजपा में तीन सीटिंग सांसदों के टिकट कटने को लेकर संशय बना हुआ है. इसको लेकर रांची के सांसद रामटहल चौधरी ने पहले से ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने घोषणा कर दी है कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में रांची में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार बन रहे हैं. उधर यूपीए में भी गोड्डा सीट को लेकर तकरार दिख रहा है.
यह सीट झाविमो के खाते में गयी है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के फुरकान अंसारी भी इस सीट पर ताल ठोंक रहे हैं. वे चुनाव लड़ने की मूड में हैं. लोहरदगा सीट कांग्रेस के खाते में गयी है. वहीं इस सीट पर झामुमो के चमरा लिंडा भी ताल ठोंक रहे हैं. अगर वह मैदान में उतर जाते हैं, तो यहां भी त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा. इधर वामदलों ने भी प्रत्याशी उतार दिया है,
जिसकी वजह से कोडरमा में त्रिकोणीय मुकाबला होने के प्रबल आसार दिख रहे हैं. राजद ने चतरा में बगावती तेवर दिखाते हुए सुभाष यादव को प्रत्याशी बनाया है. फिलहाल इस सीट पर महागठबंधन के कांग्रेस की दावेदारी है.
इसकी वजह से यहां राजद, कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबला होने की संभावना बन रही है. बागी उम्मीदवारों से अपने पुराने दलों में सेंधमारी की उम्मीद है. हालांकि अभी कई सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गयी है. प्रत्याशी घोषित होने के बाद बागी उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि हो सकती है और दूसरी लोकसभा सीटों पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है.
रांची लोकसभा क्षेत्र
इस सीट पर कांग्रेस के सुबोधकांत सहाय उम्मीदवार हो सकते हैं. भाजपा ने अभी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. सीटिंग सांसद रामटहल चौधरी का इस सीट से टिकट कटना तय माना जा रहा है. इसको देखते हुए रामटहल चौधरी ने बगावती तेवर भी अपनाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. इस सीट पर कांग्रेस व भाजपा के साथ रामटहल चौधरी के बीच मुकाबला होगा.
कोडरमा लोकसभा क्षेत्र
यह सीट महागठबंधन में झाविमो के खाते में गयी है. इस सीट पर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी का प्रत्याशी हो सकते हैं. भाजपा में इस सीट पर रवींद्र राय, अन्नपूर्णा देवी, प्रणव वर्मा समेत अन्य को दावेदार बताया जा रहा है. हालांकि भाजपा ने इस सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है. इधर माले ने इस सीट पर राजकुमार यादव को चुनाव मैदान में उतारा है. इस सीट पर झाविमो, भाजपा व माले के बीच त्रिकोणीय संघर्ष होना तय माना जा रहा है.
गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र
एनडीए में यह सीट आजसू के खाते में गयी है. आजसू ने इस सीट पर मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी को उम्मीदवार बनाया है. यहां पर महागठबंधन से झामुमो का प्रत्याशी खड़ा किया गया है. वहीं आजसू के खाते में सीट जाने से भाजपा के सीटिंग सांसद रवींद्र पांडेय का टिकट कट गया है. उन्होंने बगावती तेवर अपना कर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. इस सीट पर झामुमो, आजसू व रवींद्र पांडेय के बीच मुकाबला हो सकता है.
लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र
इस सीट पर भाजपा ने केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत को उम्मीदवार बनाया है. महागठबंधन में यह सीट कांग्रेस के खाते में गयी है. कांग्रेस की ओर से फिलहाल प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गयी है. हालांकि झामुमो विधायक चमरा लिंडा इस सीट चुनाव लड़ने का मूड बनाये हुए हैं. ऐसी स्थिति में भाजपा, कांग्रेस व चमरा लिंडा के बीच मुकाबला हो सकता है.
चतरा लोकसभा सीट
कांग्रेस के लिए तय की गयी इस सीट पर राजद ने महागठबंधन से बगावत करते हुए सुभाष यादव को प्रत्याशी बना दिया है. भाजपा की ओर से फिलहाल अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गयी है. इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने भी यहां से प्रत्याशी उतारने की बात कही है. ऐसे में यहां भी राजद, भाजपा व कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा.
