रांची :कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों को मिलेगी मदद आचार संहिता उल्लंघन करनेवालों पर अब ऐसे रहेगी नजर

तकनीक के जरिये हर पहलू पर रहेगी चुनाव आयोग की नजर रांची : 16वां लोकसभा चुनाव इस बार चार नयी तकनीकों के साथ होने जा रहा है. इन तकनीकों के जरिये चुनाव के हर पहलुओं पर नजर रखी जायेगी. इन नयी तकनीकों में सी-विजिल एप, सुविधा एप, सुगम एप व समाधान एप हैं. इस संबंध […]

तकनीक के जरिये हर पहलू पर रहेगी चुनाव आयोग की नजर
रांची : 16वां लोकसभा चुनाव इस बार चार नयी तकनीकों के साथ होने जा रहा है. इन तकनीकों के जरिये चुनाव के हर पहलुओं पर नजर रखी जायेगी.
इन नयी तकनीकों में सी-विजिल एप, सुविधा एप, सुगम एप व समाधान एप हैं. इस संबंध में निर्वाचन आयोग के आदेश पर लगातार जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके प्रचार-प्रसार में हर हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. लोगों को भी सी-विजिल एप के बारे में बताया जा रहा है.
कौन-कौन से एप कर रहे हैं काम
सी-विजिल एप
सुरक्षित एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सी-विजिल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है. सी-विजिल एप के जरिये कोई भी व्यक्ति आचार संहिता उल्लंघन के लिए शिकायत कर सकता है. इसके लिए एप पर सीधे लाइव वीडियो अपलोड करना होगा. यह शिकायत सीधे रिटर्निंग अधिकारी व भारत निर्वाचन चुनाव आयोग के पास पहुंचेगी. शिकायत प्राप्त होने के बाद निर्धारित अवधि में टीम द्वारा मौके पर जांच की जायेगी.
क्या कुछ होगा : उम्मीदवार सहित राजनीतिक दलों अथवा कोई व्यक्ति विशेष आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते पाये जाते हैं, तो आप उससे जुड़ी तस्वीरों को इस एप के माध्यम से शेयर कर सकते हैं. उन शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेते हुए 100 मिनट में कार्रवाई की जायेगी.
सी-विजिल एप के लिए कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन व जीपीएस वाला एंड्राॅयड स्मार्ट फोन जरूरी है.
कैसे लें लाभ : इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. अब तक 5 लाख लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है. यह 7.16 एमबी का फाइल है, जिसे 3 अक्तूबर 2018 को जारी किया गया है.
सुविधा एप
लोकसभा चुनाव 2019 में उम्मीदवारों व राजनीति दल के कार्यकर्ता रैली, सभा रोड, शो, नुक्कड़ नाटक, वाहन, जुलूस आदि की अनुमति लेने के लिए सुविधा एप पर आवेदन कर सकते हैं.
क्या कुछ होगा : इसमें जहां उम्मीदवारों व पार्टी कार्यकर्ताओं को समय की बचत होगी. वहीं दौड़-भाग से भी निजात मिलेगी. एप के अलावा भी मैन्युअल तरीके से जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा कोषांग में कार्यक्रम करने के लिए अनुमति के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन में तिथि व समय का उल्लेख स्पष्ट रूप से करना होगा. यह सुविधा पूर्व की तरह पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर दी जायेगी.
कैसे लें लाभ : यह भी एंड्रायड सपोर्ट करने वाला एप है. जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. यह 4.31 एमबी की फाइल है. जिसे भारतीय चुनाव आयोग द्वारा 13 मार्च 2019 को जारी किया गया है. इस एप को अब तक एक हजार बार डाउनलोड किया जा चुका है.
सुगम एप
चुनाव आयोग द्वारा लांच किये गये सुगम एप के माध्यम से वाहन प्रबंधन को दुरुस्त किया जा सकेगा. इसके माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा अधिग्रहण किये गये वाहनों की जानकारी आयोग के पदाधिकारियों के पास रहेगी.
क्या कुछ होगा : परिवहन विभाग की वेबसाइट से वाहन नंबर, मालिक का नाम, पता लेकर नोटिस के साथ वाहनों का अधिग्रहण किया जायेगा. चुनाव कार्य में उपयोग होने वाले वाहनों का अधिग्रहण ऑनलाइन ही किया जा सकेगा. वाहनों में कितना पेट्रोल या डीजल डाला गया है, यह इस सॉफ्टवेयर पर अंकित रहेगा.
कैसे लें लाभ : इसे भी गूगल एप के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं. अब तक 129 लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है. यह 758.55 केबी की फाइल है. इसे 10 सितंबर 2018 को जारी किया गया था.
समाधान एप
चुुनाव आयोग द्वारा लांच किये गये समाधान एप से राजनीतिक दलों द्वारा की गयी शिकायत की मॉनिटरिंग की जायेगी. उम्मीदवारों अथवा विभिन्न राजनीतिक पार्टियां निर्वाचन आयुक्त से लेकर जिला प्रशासन आयुक्त के यहां शिकायत कर सकते हैं.
क्या कुछ होगा : राजनीतिक दलों और मतदाताओं की सभी समस्याएं अब ऑनलाइन ही निबटायी जायेगी. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद रिटर्निंग अफसर, पुलिस विभाग, जिला निर्वाचन पदाधिकारी उसका समाधान करेंगे. समस्या समाधान की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं. यही नहीं, चुनाव आयोग को भी पांच दिनों के अंदर जवाब देना होगा.

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