रांची :पीएलएफआइ बच्चों को स्मार्ट फोन का लालच देकर बना रहा मुखबिर

रांची :प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ को लगातार नुकसान हो रहा है. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से हाल के दिनों में संगठन को काफी खामियाजा उठाना पड़ा है. संगठन के बड़े उग्रवादी मारे जा रहे हैं या फिर पुलिस की गिरफ्त में फंस रहे हैं. इसको देखते हुए पीएलएफआइ सुप्रीमो अब पुलिस और […]

रांची :प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ को लगातार नुकसान हो रहा है. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से हाल के दिनों में संगठन को काफी खामियाजा उठाना पड़ा है. संगठन के बड़े उग्रवादी मारे जा रहे हैं या फिर पुलिस की गिरफ्त में फंस रहे हैं. इसको देखते हुए पीएलएफआइ सुप्रीमो अब पुलिस और सुरक्षाकर्मियों पर नजर रखने के लिए नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल करने लगे हैं.
पुलिस की सूचना सही समय पर मिल जाये, इसके लिए नाबालिग बच्चों को तरह-तरह से प्रलोभन दिया जा रहा है. गरीब परिवार के बच्चों को पीएलएफआइ के उग्रवादी एंड्रायड स्मार्ट फोन व पैसा देकर संगठन के लिए काम करा रहे हैं. ताकि बच्चे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी उग्रवादियों को दे सकें. बच्चों को इस काम में शामिल किये जाने की वजह यह है कि पुलिस और सुरक्षा बल सर्च के दौरान उन पर शक नहीं कर सकें.
खूंटी, गुमला, सिमडेगा, रांची जिले में इस तरह की जानकारी पुलिस को मिली है. उग्रवादियों की इस करतूत को लेकर पुलिस मुख्यालय ने अभियान में लगे पुलिसकर्मियों व सुरक्षा बलों को सतर्कता बरतने को कहा है.
इस संबंध में एडीजी अभियान एमएल मीणा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बच्चों के पास कीमती मोबाइल कहां से आ रहा है. वे स्कूल पढ़ने जाने की जगह कहां घूमते रहते हैं, कहीं उनका कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है, इस पर अभिभावकों को ध्यान देने की जरूरत है. ताकि बच्चे भी सुरक्षित रहें और उग्रवादियों की मंशा भी पूरी नहींहो सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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