रांची : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि कांग्रेस के नेता भले ही बड़ी-बड़ी बातें कर लें, लेकिन उन्हें भी अच्छी तरह से पता है कि आगामी लोकसभा चुनाव उनके लिए अंतिम चुनाव साबित होगा. झारखंड में भी महागठबंधन की असलियत सामने आ गयी है. सिर्फ दो-तीन सीटों के लिए महागठबंधन के नेताओं में मनमुटाव हो गया है. बिना नीति सिद्धांत के बने गठबंधन का यही हश्र होता है. उन्होंने कहा कि जिंदगी भर सोरेन परिवार की खिलाफत करनेवाले पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने उनके नेतृत्व को अनमने तरीके से स्वीकार लिया था.
डॉ अजय कुमार स्वयं मुख्यमंत्री बनने के लिए बेताब हैं. झारखंड आंदोलन से लेकर झारखंड के बालू घाटों को बेचने वाला झामुमो अपनी अलग बैटिंग कर रहा है. वामदलों ने अलग चुनाव लड़ने की घोषणा की है. प्रदीप यादव सिर्फ गोड्डा सीट के लिए नये गठबंधन बनाने की फिराक में हैं.
