रांची : विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान बकोरिया कांड और विधायक अरुप चटर्जी काे धमकी को लेकर हंगामा हुआ. सदन में प्रभात खबर की प्रति भी लहरायी गयी. राजकुमार यादव ने कहा कि जिस तरीके से राज्य के चर्चित बकोरिया कांड में पीड़ितों को केस वापस लेने की धमकी मिल रही है.
उन लोगों को अपनी सुरक्षा की गुहार राज्यपाल से लगानी पड़ रही है और जिस तरीके से सदन में कोयला माफिया के खिलाफ बोलने पर निरसा विधायक अरुप चटर्जी के घर में घुस कर घरवालों को बम से उड़ा देने की धमकी मिलती है. इससे साफ तौर पर राज्य में लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठते हैं. साथ ही कहा कि जब एक विधायक ही इस राज्य में सुरक्षित नहीं है, तो आखिर कौन इस राज्य में सुरक्षित है. इतना कहते ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया.
धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो: प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन अपनी जगह पर खड़े हो गये और कहा कि धमकी देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. उनके साथ झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी भी खड़े हो गये. उनके हाथों में प्रभात खबर की प्रति थी. वहीं अरुप चटर्जी और बादल पत्रलेख भी प्रभात खबर की प्रति लहराते हुए बकोरिया कांड और विधायक को धमकी मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे
कुणाल षाड़ंगी ने हाथ जोड़ कर अध्यक्ष से कहा कि हुजूर, जब हम ही सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य में कौन सुरक्षित है. मामले को लेकर विधायक भानू प्रताप सिंह, बादल पत्रलेख और शिवपूजन कुशवाहा भी हंगामा करने लगे.
सीएम ने जवाब दिया, तब सदन शांत हुआ
अध्यक्ष दिनेश उरांव बार-बार विधायकों को शांत हो जाने और अपनी जगह पर बैठने को कहते रहे. लेकिन विधायक इस बात पर अड़े थे कि संसदीय कार्य मंत्री इस मामले पर खड़े हो कर 24 घंटे के अंदर धमकी देने वालों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दें.
काफी हो-हंगामे के बाद एक बार फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई. इसके अलावा एसटी-एससी और ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति घटाने पर भी सदन में हंगामा हुआ. बाद में इस मामले में सीएम ने खुद जवाब दिया, तब सदन शांत हुआ.
