बजट 2019-20. राज्य को 50,302 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्राप्त हुआ है
रांची : उद्योग विभाग के बजट में इस बार लगभग 25 करोड़ रुपये की कटौती की गयी है. सरकार ने बजट भाषण में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोमेंटम झारखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2017 के आयोजन के बाद से अब तक 492 औद्योगिक इकाइयों को जियाडा एवं अन्य माध्यम से भूमि उपलब्ध करायी गयी है. इस भूमि पर आधारभूत संरचनाओं का कार्य किया जा रहा है. राज्य को 50,302 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्राप्त हुआ है तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 69,615 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है.
रांची में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में की जा रही है.राज्य में वस्त्र निर्माण के लिए छह टेक्सटाइल कंपनियों ने उत्पादन प्रारंभ कर दिया है, जिससे 3600 लोगों को रोजगार मिला है. इस क्षेत्र में 24 अन्य औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गयी है. इनसे 38 हजार कुशल महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा.चार वर्षों में 48 फूड पार्क से संबंधित औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन प्रारंभ कर दिया है.फूड प्रोसेसिंग में कुल 161 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गयी है.
राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत 76.57 करोड़ की लागत से मेगा हैंडलूम कलस्टर गोड्डा का निर्माण हो रहा है.इससे छः जिलों के हस्तकरघा बुनकर लाभान्वित होंगे.
वित्तीय वर्ष 2019-20 में 5000 हथकरघा बुनकरों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है.राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उन्नत किस्म के तकनीकी प्रशिक्षण के लिए सी-डैक के सहयोग से अरबन हाट हजारीबाग, अरबन हाट देवघर, जिला उद्योग केंद्र, लातेहार एवं हस्तशिल्प संसाधन केंद्र, सरायकेला एवं रांची में पांच प्रशिक्षण केंद्रों में कंप्यूटर आधारित डिजाइन में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जायेगा.
हस्तशिल्प कलाओं के लिए एनआइडी अहमदाबाद के सहयोग से रांची में झारखंड इंस्टीट्यूट अॉफ क्राफ्ट डिजाइन(जीआइसीडी) की शुरुआत की जायेगी.
झारखंड राज्य तसर उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में अब तक तसर रेशम का उत्पादन 1076.79 मीट्रिक टन हुआ है. 2019-20 में 2700 मीट्रिक टन तसर रेशम के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
रेशम के लिए रीलिंग स्पीनिंग से संबंधित योजनाएं संचालित होंगी. प्री कोकुन में 10,000 व्यक्तियों को उन्नत श्रेणी का प्रशिक्षण दिया जायेगा.
वर्ष 2019-20 में मलवरी रेशम के विकास पर विशेष रूप से ध्यान दिया जायेगा.
रांची में निफ्ट सेंटर की स्थापना की जायेगी. यहां रेशम, खादी एवं अन्य परिधानों में उन्नत एवं नये डिजाइन/फैशन के अनुरूप निर्माण की सुविधा राज्य में उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा.
खादी उत्पाद के विकास के लिए दुधानी, दुमका एवं राजनगर, सरायकेला-खरसावां में खादी पार्क की स्थापना की जायेगी.
राज्य सरकार द्वारा झारखंड माटीकला बोर्ड के लिए 2019-20 में 856 लाख रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है.
