रांची : राज्य सरकार द्वारा अगले वित्तीय वर्ष (2019-20) के लिए 85000 करोड़ रुपये का बजट पेश किये जाने का अनुमान है. 22 जनवरी को पेश हाेनेवाले इस बजट में किसानों और आधारभूत संरचना पर विशेष बल दिये जाने का अनुमान है. राज्य सरकार पहली बार अगले वित्तीय वर्ष के लिए बाल बजट पेश करेगी. इसमें विभिन्न विभागों द्वारा बच्चों के लिए चलायी जानेवाली योजनाओं को मिला कर एक अलग समूह बनाया गया है.
बजट में गरीबों को चावल के अलावा चना व राशन डीलरों का बीमा कराने के साथ ही कुछ नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं. सीएम रघुवर दास लगातार पांचवां बजट पेश करेंगे. बजट में कृषि बजट और शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास पर बल देने साथ राशि का प्रावधान किया गया है.
कृषि बजट में सर्वाधिक बल आशीर्वाद योजना पर होगा. कृषि बजट का करीब 70 प्रतिशत (2200 करोड़) हिस्सा आशीर्वाद योजना पर खर्च किये जाने का अनुमान है. इस योजना के तहत पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों को राशि दी जायेगी. जिन किसानों के पास एक एकड़ से कम जमीन होगी, उन्हें सिर्फ पांच हजार रुपये दिये जायेंगे.
इसके अलावा राज्य के किसानों को मोबाइल फोन देने के लिए बजटीय प्रावधान होगा. किसानों को फीचर फोन दिया जायेगा या स्मार्ट फोन, इस पर फैसला करने के लिए अविनाश कुमार की अध्यक्षता में समिति बनायी गयी है. समिति बाजार में उपलब्ध सभी प्रकार के फोन के अलावा नेटवर्क का अध्ययन कर सरकार को यह रिपोर्ट देगी कि किसानों को फीचर फोन दिया जाये या स्मार्ट फोन.
गरीबों को चावल के साथ चना भी
बजट में गरीबों के लिए जारी कल्याणकारी योजनाओं में नयी योजना के रूप में चावल के अलावा चना देने का प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को प्रति माह एक किलोग्राम चना दिया जाना है.
इसके साथ ही जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के लिए बीमा का प्रावधान किया गया है. इस मद में करीब 10 लाख रुपये का प्रावधान होगा. हालांकि अब तक बीमा योजना को लागू करने के लिए इसके स्वरूप का फैसला नहीं किया जा सका है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयी योजना के रूप में सहिया को फास्ट ‘एड बाक्स’ देने का प्रावधान बजट में किया गया है.
आधारभूत संरचना पर खास तवज्जो
अगले साल के बजट में आधारभूत संरचना बढ़ाने के उद्देश्य से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है. आधारभूत संरचना के क्षेत्र में चालू वित्तीय वर्ष के मुकाबले अगले वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक की वृद्धि किये जाने का अनुमान है.
