रांची : अब लोकसभा के साथ विधानसभा का चुनाव हो सकता है जोखिम भरा

रांची : पांच राज्यों में राजनीतिक बयार बदली है. भाजपा को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. राजनीति के बदलते मिजाज से विपक्ष उत्साहित है. झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलें लगायी जा रही थी़ खबर आयी थी कि झारखंड में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं. राजनीतिक […]

रांची : पांच राज्यों में राजनीतिक बयार बदली है. भाजपा को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. राजनीति के बदलते मिजाज से विपक्ष उत्साहित है. झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलें लगायी जा रही थी़ खबर आयी थी कि झारखंड में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं. राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि वर्तमान परिस्थिति में झारखंड में भाजपा के लिए यह जोखिम भरा कदम हो सकता है़
विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी रहेंगे़ सीएनटी-एसपीटी, भूमि अधिग्रहण, आदिवासी मुद्दे को विपक्ष एकजुट कर भाजपा का रास्ता रोकने का प्रयास करेगा.
पारा शिक्षकों से लेकर दूसरे अनुबंध कर्मियों के असंतोष के सहारे चुनावी माहौल तैयार करने की कोशिश हो सकती है. भाजपा के सामने चुनौतियां है़ं भाजपा को ऐसे कई मुद्दों के जाल से बाहर निकलना है. विपक्ष की कोशिश है कि झारखंड में आदिवासी-मूलवासी के एजेंडे, जमीन के एजेंडे और सरकार की दूसरी नीतियों को लेकर घेरबंदी की जाये.
उधर, भाजपा और सरकार के स्तर से विपक्ष के खिलाफ हमला भी तेज है. मुख्यमंत्री रघुवर दास झामुमो के गढ़ में सेंधमारी कर रहे हैं. सरकार के स्तर पर योजनाओं की झड़ी लगी है़ वहीं भाजपा ने संगठन के स्तर पर भी तैयारी की है. लेकिन परिस्थितियां ऐसी बदली है कि भाजपा को भी अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ सकता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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