रांची : अब्दुल रऊफ एवं इकबाल खलील की याद में पहली बार स्लम-अल्पसंख्यक बस्तियों के नौजवानों के साथ सूचना का अधिकार अधिनियम पर कार्यशाला मिल्लत एकेडमी स्कूल हिंदपीढ़ी में हुई.
कार्यशाला में आरटीआइ कार्यकर्ता विष्णु राजगढ़िया, पत्रकार सुधीर पाल, मानवाधिकार कार्यकर्ता अधिवक्ता शादाब अंसारी, अधिवक्ता एमए हक, पत्रकार बशीर अहमद (झारखंड आंदोलनकारी), अधिवक्ता एसएस सिन्हा व अधिवक्ता मोख्तार अहमद ने अपनी बातें रखीं. वक्ताओं ने कहा कि आरटीआइ एक्ट बनने के 13 साल बाद भी स्लम व अल्पसंख्यक बस्तियों के अधिकतर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है. ऐसा प्रचार-प्रसार के अभाव में हुआ है.
झारखंड राज्य सूचना आयोग को भी पंगु बनाने की कोशिश की जा रही है. झारखंड सरकार इस मुद्दे पर पहल करे. मौके पर ललित मुर्मू, रिजवान आलम, फहीमउद्दीन, जसीम खान, खुर्शीद आलम, तारिक मुजीबी, तनवीर आलम, नाहिद तबरेज, इकबाल आदि मौजूद थे.
