रांची : बिजली वितरण निगम ने 272 करोड़ वसूले, 150 करोड़ का हुआ घाटा

रांची : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अक्तूबर माह में बिजली बिल के रूप में सिर्फ 272 करोड़ रुपये की वसूली की है. वहीं बोर्ड द्वारा 450 करोड़ रुपये की बिजली खरीद कर आपूर्ति की जाती है. बताया गया कि निगम को 32 लाख में लगभग 16 लाख उपभोक्ता बिल का भुगतान नहीं करते. […]

रांची : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अक्तूबर माह में बिजली बिल के रूप में सिर्फ 272 करोड़ रुपये की वसूली की है. वहीं बोर्ड द्वारा 450 करोड़ रुपये की बिजली खरीद कर आपूर्ति की जाती है. बताया गया कि निगम को 32 लाख में लगभग 16 लाख उपभोक्ता बिल का भुगतान नहीं करते.
बिजली बिल का बकाया इनके पास रह जाता है. निगम के पास इस समय कुल 32 लाख उपभोक्ता हैं. इनमें 85 प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिल निर्गत किया जाता है. इसमें औद्योगिक, कॉमर्शियल से लेकर घरेलू उपभोक्ता तक शामिल हैं. पर इनमें से अाधे उपभोक्ता बिल का भुगतान ही नहीं करते हैं. निगम द्वारा हर माह लगभग 350 करोड़ रुपये का बिल निर्गत किया जाता है. अक्तूबर में 272 करोड़ की वसूली हुई है. शेष उपभोक्ता या तो बिल नहीं देते या उनके बिल में गड़बड़ी हो जाती है. इस कारण बिल लंबित रह जाता है.
राज्य सरकार से मिलना है हर माह 53 करोड़ की टैरिफ सब्सिडी
अनुमान था कि टैरिफ के बाद राजस्व बढ़ेगा, पर राजस्व में खास वृद्धि नहीं हुई है. राज्य सरकार ने टैरिफ पर सब्सिडी देने का आदेश जारी किया है.
यानी प्रतिमाह निगम को टैरिफ सब्सिडी के एवज में 53 करोड़ रुपये मिलने हैं. हालांकि मई माह के बाद से यह राशि अभी तक नहीं मिली है. टैरिफ की राशि जोड़ दी जाये, तो बोर्ड के अक्तूबर माह में राजस्व के रूप में 321 करोड़ हुए हैं. इसके बावजूद वितरण निगम भारी घाटे में है. निगम हर माह 450 करोड़ रुपये की बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं को आपूर्ति करता है. कुल 2150 मेगावाट बिजली हर माह खरीदी जाती है.
डीवीसी, एनटीपीसी, आधुनिक, इनलैंड पावर व अन्य कंपनियों से बिजली खरीदी जाती है. इसके एवज में निगम के पास कुल 321 करोड़ रुपये ही आये हैं. वहीं निगम का स्थापना व्यय 21 करोड़ रुपये प्रतिमाह है. यानी नो प्रॉफिट नो लॉस में आने के लिए निगम को महीने में कम से कम 471 करोड़ रुपये की राजस्व की जरूरत होती है. पर इसके बदले आये हैं केवल 321 करोड़ रुपये. यानी अक्तूबर माह में ही निगम को लगभग 150 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

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