एचइसी : तीनों श्रमिक संगठनों ने उठायी आवाज
रांची : एचइसी के तीन श्रमिक संगठनों ने एक स्वर में प्रबंधन से मांग की है कि पहले वेतन पुनरीक्षण हो, इसके बाद यूनियन की सदस्यता सत्यापन के लिए चुनाव.
हटिया कामगार यूनियन, हटिया मजदूर लोक मंच व जनता मजदूर यूनियन ने चुनाव का विरोध किया है. हटिया कामगार यूनियन के अध्यक्ष लालदेव सिंह ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण मंच के दबाव में ही प्रबंधन मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर प्रबंधन व यूनियनों की संयुक्त कमेटी बनाने को सहमत हुअा है.
श्री सिंह ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण कराने की दिशा में क्षेत्रीय श्रमायुक्त केंद्रीय ने भी कार्रवाई करते हुए 31 अक्तूबर को अपने कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता बुलायी है. वहीं दूसरी तरफ एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इनके कार्यकाल में मजदूरों ने आंदोलन नहीं के बराबर किया है. इसलिए पिछले सीएमडी की तरह ही वेतन पुनरीक्षण करने को लेकर मंच ने प्रबंधन पर दबाव बनाया है.
मंच के दबाव को कम करने के उद्देश्य से ही प्रबंधन यूनियनों की सदस्यता सत्यापन कराने का प्रयास कर रहा है जिससे सभी यूनियन इस काम में व्यस्त हो जायें और वेतन पुनरीक्षण का मामला लटक जाये. जबकि सदस्यता सत्यापन बाद में भी कराया जा सकता है. वेतन पुनरीक्षण नहीं होने से श्रमिकों को एरियर का नुकसान उठाना पड़ेगा.
वेतन पुनरीक्षण टालने के लिए हो रही है साजिश
हटिया मजदूर लोक मंच के महामंत्री राम कुमार नायक ने कहा कि मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण को टालने के लिए प्रबंधन ने सदस्यता सत्यापन चुनाव कराने की साजिश की है. यूनियन इसका विरोध करती है. उन्होंने कहा कि यदि श्रम विभागको चुनाव कराना ही है तो वेतन पुनरीक्षण होने के बाद हो. अगर ऐसा नहीं हुआ तो यूनियन चुनाव का बहिष्कार करेगी.
मंच की एकता को तोड़ने की हो रही है कोशिश
जनता मजदूर यूनियन के महामंत्री एसजे मुखर्जी ने श्रम विभाग से यूनियनों की सदस्यता सत्यापन मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण होने के बाद कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि एचइसी वेतन पुनरीक्षण मंच के दबाव में प्रबंधन के साथ कामगारों के वेतन पुनरीक्षण पर वार्ता शुरू होने वाली है.
इसके लिए कमेटी भी बनाने का निर्णय हो गया है. ऐसे समय में मंच की एकता को तोड़ने एवं वेतन पुनरीक्षण को टालने के लिए प्रबंधन द्वारा यूनियनों की सदस्यता सत्यापन चुनाव कराया जा रहा है. इससे मजदूरों को नुकसान होगा. यूनियन चुनाव का विरोध करेगी.
