रांची समेत राज्य की 18000 दुकानें रहीं बंद, दवाओं के लिए भटकते रहे लोग

रांची : झारखंड फार्मेसी काउंसिल द्वारा बिहार फार्मेसी काउंसिल से निबंधित फार्मासिस्टों का निबंधन रद्द किये जाने के विरोध में शुक्रवार को राज्य भर की दवा दुकानें बंद रहीं. यह बंद झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बुलायी थी. इस दौरान एसोसिएशन ने ऑनलाइन फार्मेसी का भी विरोध किया. इस बंद का असर राजधानी रांची […]

रांची : झारखंड फार्मेसी काउंसिल द्वारा बिहार फार्मेसी काउंसिल से निबंधित फार्मासिस्टों का निबंधन रद्द किये जाने के विरोध में शुक्रवार को राज्य भर की दवा दुकानें बंद रहीं. यह बंद झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बुलायी थी. इस दौरान एसोसिएशन ने ऑनलाइन फार्मेसी का भी विरोध किया. इस बंद का असर राजधानी रांची में दिखा. दवा दुकानों बंद होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई. हालांकि, शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में फार्मेसी खुली थी, जिससे लोगों को दवाएं मिल रही थीं.
एसोसिएशन के महासचिव अमर सिन्हा ने दावा किया कि एसोसिएशन बंद पूरी तरह सफल रही है. राज्य भर में एसोसिएशन से जुड़ी करीब 18,000 होल सेल और खुदरा दुकानें बंद रहीं, जिससे करीब 500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है. श्री सिन्हा ने बताया कि झारखंड फार्मेसी ट्रिब्यूनल द्वारा पिछले दो दशक से इन सभी दवा दुकानों के निबंधन का नवीकरण होता आ रहा है.
लेकिन, काउंसिल के गठन के बाद करीब 4000 फार्मासिस्टों के निबंधन का नवीकरण नहीं हो रहा है. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के कई बार इससे अवगत कराया गया है, लेकिन सरकार अब तक उदासीन है. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी फार्मासिस्टों का निबंधन रद्द करने का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो सभी दवा दुकानदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.
रिम्स के आसपास की दवा दुकानें थीं बंद, लोग परेशान
शहर के अन्य हिस्सों के अलावा रिम्स के आसपास की दवा दुकानें भी शुक्रवार को बंद थीं. रिम्स ओपीडी में डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखने के कारण मरीजों को कई दवाओं के लिए भटकना पड़ा. हालांकि, रिम्स परिसर में स्थित जेनेरिक दवा की दुकान दवाई दोस्त और जनऔषधि केंद्र खुले थे, जिससे कुछ दवाएं मिल गयीं. इधर, सदर अस्पताल रांची की आेपीडी मेें डॉक्टर से परामर्श मिलने के बाद वहां उपलब्ध दवाएं मरीजों को मिल गयीं, लेकिन बाहर की दवाएं नहीं मिल पायीं.

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