रांची : चतरा के हंटरगंज निवासी अपहृत युवक युवराज सिंह को बरामद करने के लिए हाजीपुर पहुंची रांची पुलिस की टीम ने रविवार को बिहार पुलिस के सहयोग से विभिन्न जिलों में कालू की तलाश में छापेमारी की. लेकिन कालू के ठिकाने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण पुलिस न ही उसे पकड़ पायी और ने ही युवराज सिंह को मुक्त करा पायी है. हालांकि कालू की तलाश में छापेमारी जारी है, ताकि युवराज को बरामद किया जा सका.
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवराज के बारे में वर्तमान में जो जानकारी मिली है, वह यह है कि वह कालू के कब्जे में है. बिहार पुलिस की नजर में कालू पहले से कुख्यात अपराधी रहा है. उल्लेखनीय है कि युवराज सिंह वर्तमान में नगड़ाटोली स्थित शंकर लॉज में रहता था. वह योगदा सत्संग कॉलेज से इंटर करने के साथ- साथ धुर्वा में क्रिकेट की कोचिंग भी करता था. कोचिंग के दौरान ही उसका परिचय हाजीपुर निवासी शंकर तिवारी नामक युवक से हुआ था.
उसने अपने दोस्त के सहयोग से अपने दादा को रिटायरमेंट में मिले पैसे को हासिल करने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रचने के लिए दोस्त के पास हाजीपुर चला गया, लेकिन वहां जाने के बाद उसका अपहरण कर लिया गया और परिजनों को फिरौती के लिए फोन किया था. पहले 40 लाख रुपये की मांग की गयी थी, लेकिन बाद में यह सौदा 20 लाख में तय हुआ था. युवराज के अपहरण को लेकर लालपुर थाना में 28 अगस्त को केस दर्ज हुआ था.
